रायबरेली। प्रोन्नति में आरक्षण के खिलाफ राज्यकर्मियों का गुस्सा गुरुवार को और बढ़ गया। कर्मचारियों ने विकास भवन के मुख्य गेट पर ताला डाल दिया। डिग्री कॉलेज चौराहा-बरगद चौराहे रोड पर कलक्ट्रेट गेट के सामने कर्मचारियों ने सड़क पर ही बैठक कर धरना शुरू कर दिया। एक ओर जहां विकास भवन में प्रभारी डीएम समेत सभी अधिकारी कई घंटे तक फंसे रहे वहीं सड़क पर जाम की वजह से लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा। कर्मचारियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करके प्रोन्नति में आरक्षण बिल को वापस लेने की मांग की।
गुरुवार को विकास भवन के मुख्य गेट पर ताला डालने के बाद कर्मचारी कलक्ट्रेट के मुख्य गेट के पास सड़क पर धरने पर बैठ गए। देखते ही देखते अन्य सभी विभागों के कर्मचारी भी धरने में शामिल हो गए। राज्य कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष सूर्यकांत मिश्र ने कहा कि केंद्र सरकार हम लोगों के मौलिक अधिकारों का हनन करने में जुटी है। अब कर्मचारी चुप नहीं बैठेगा। इसका जमकर विरोध किया जाएगा। उधर, अधिशासी अभियंता विद्युत अशोक कुमार ने कहा कि प्रोन्नति में आरक्षण समानता के अधिकार के हनन के साथ ही कर्मचारियों में आपसी द्वेष फैलाने का प्रयास किया जा रहा है। एसडीओ एसके पांडेय, आरके श्रीवास्तव, आरआर सिंह ने भी केंद्र की मंशा का जमकर विरोध किया। प्रमोद अवस्थी, वीएस सक्सेना, आरएन यादव बीरेंद्र अवस्थी, केबी सिंह आदि ने कहा कि अब आरपार की लड़ाई लड़ी जाएगी। प्रोन्नति आरक्षण बिल का समर्थन करने वाली पार्टियों को मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा। देखते ही देखते धरनास्थल पर सिंचाई विभाग, लोक निर्माण विभाग, पावर कॉर्पोरेशन, स्वास्थ्य विभाग सहित अन्य विभागों के कर्मचारी एकत्र हो गए। इसमें ओपी शुक्ला, संतोष त्रिपाठी, अतुल पांडेय, स्वामीनाथ, प्रशांत, उत्तम तिवारी, देवी प्रसाद शुक्ला, डीपी सिंह, तुलाराम, रवि विजय, संजय आदि कर्मचारी शामिल रहे। विकास भवन के मुख्य गेट पर ताला बंद होने के कारण अधिकारी कार्यालयों में भी फंसे रहे। ताला खुलने के बाद ही अधिकारी बाहर निकल सके। उधर, नहर कॉलोनी में राज्य कर्मचारी महासंघ के नेताओं ने बैठक करके विरोध जताया। इस मौके पर जयचंद्र, नीरज, दिलीप शंकर, अनुज, राम केतार, सुशील कुमार, अरविंद आदि मौजूद रहे।