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बिटिया के गम में फीका रहा नए साल का जश्न

Raebareli Updated Wed, 02 Jan 2013 05:30 AM IST
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रायबरेली। दिल्ली में छात्रा के साथ गैंगरेप की घटना की वजह से नए साल का जश्न फीका रहा। इस बार लोगों में वह उत्साह नहीं देखा गया, जो पिछले साल था। यही वजह रही कि शहर से लेकर देहात क्षेत्र में रंगारंग कार्यक्रम भी कम ही हुए। अधिकतर लोगों ने ग्रीटिंग कार्ड, फूल और मोबाइल से मैसेज और फोन करके नए साल की बधाई दी। इंदिरा उद्यान समेत अन्य पार्कों में बड़ों के साथ छोटे बच्चों ने पहुंचकर खूब मौजमस्ती की। इंदिरा उद्यान में ही अधिक भीड़ देखी गई, बाकी पार्कों में लोगों की संख्या कम ही रही।
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रात में घड़ी की सुई जैसे ही 12 पर पहुंची, वैसे ही लोग एक दूसरे को नए साल की बधाई देने लगे। हालात ये रहे कि रात में ही लोगों के कहीं फोन घनघनाते रहे तो कहीं मैसेज आने लगे। रात 12 बजे से नए साल के मुबारकबाद देने का सिलसिला मंगलवार की रात तक चलता रहा। किसी ने गुलाब का फूल तो किसी ने ग्रीटिंग कार्ड, बुके देकर एक दूसरे से नया साल विश किया। इंदिरा गांधी वानस्पतिक उद्यान, हाथी पार्क, शहीद स्मारक समेत अन्य पार्कों में लोगों ने पहुंचकर मौजमस्ती की। बड़ों के साथ बच्चों की भी तादाद काफी रही। खासकर इंदिरा उद्यान में लोगों की तादाद अधिक देखी गई, जहां महिलाओं और लड़कियों की भी अच्छी खासी संख्या रही। कहीं कोई घटना न हो जाए, इसके लिए पुलिस तैनात रही। टिकट पाने को लेकर मारामारी रही। हालांकि दिल्ली में छात्रा के साथ हुई गैंगरेप की घटना से इस वर्ष नए साल का जश्न फीका रहा। पार्कों में लोगों की भीड़ तो रही, लेकिन पिछले साल की अपेक्षा बहुत कम थी। शहर या फिर देहात क्षेत्र में नए साल पर कोई रंगारंग कार्यक्रम नहीं हुए और न ही इसमें लोगों ने रुचि दिखाई। इक्का-दुक्का कार्यक्रम हुए, जो फीके रहे।
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