रायबरेली। सर्दी के सितम ने लोगों को बेहाल कर दिया है। बुधवार को सुबह घना कोहरा रहा तो दिनभर बदली छायी रही। सूर्यदेव को देखने के लिए आंखें तरस र्गइं। बर्फीली हवा चलने से हर कोई कांपता नजर आया। ठंड से बचने के लिए लोगों ने दिन में कई बार चाय की चुस्कियों का सहारा लिया। चाय की दुकानों पर आम दिनों की अपेक्षा भीड़ देखी गई। कोहरे के कारण ट्रेनों और वाहनों की रफ्तार धीमी रही। जिले का अधिकतम तापमान 19 डिग्री और न्यूनतम 5 डिग्री सेल्सियस रहा।
लगातार तीन दिन से पड़ रही कड़ाके की ठंडी से आम आदमी को बुधवार को भी छुटकारा नहीं मिला। मंगलवार की रात से ही घना कोहरा रहा। कोहरे की धुंध इस कदर रही कि कुछ दिखाई नहीं पड़ रहा था। सुबह गाड़ियां रेंगती हुई नजर आईं। दोपहर बाद कोहरे की धुंध छटी, लेकिन आसमान में बदली छायी रही और बर्फीली हवा चली। नतीजतन लोगों को ठंड से निजात नहीं मिली। लोग ठिठुरते रहे। खासकर गलन से ठंडी का असर अधिक रहा। कड़ाके की ठंड के बावजूद जिला प्रशासन की ओर से स्कूल नहीं बंद किए गए। नतीजतन बच्चों को इस ठंड में स्कूल जाना पड़ा। ठंडी के कारण लोग घरों से कम ही निकले। ठंड छुटाने के लिए कई-कई बार चाय की चुस्की का सहारा लिया। यही वजह रही कि घंटाघर, सुपर मार्केट, मोतीलाल नेहरू स्टेडियम, डिग्री कॉलेज चौराहा, पुलिस लाइंस चौराहा स्थित चाय की दुकानों पर लोगों की भीड़ देखी गई। उधर, कोहरे के कारण गंगा गोमती, पद्मावत एक्सप्रेस, नौचंदी एक्सप्रेस आदि ट्रेनें कई घंटे लेट रहीं।