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150 शिक्षक गिरफ्तार, रिहा

Raebareli Updated Wed, 01 May 2013 05:30 AM IST
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रायबरेली। पांच दिन लगातार ठप रहे मूल्यांकन कार्य के बाद आखिरकार मंगलवार को जिला प्रशासन ने डंडा उठा ही लिया। मूल्यांकन का बहिष्कार करने वाले शिक्षकों को केंद्रों के गेटों पर ताला बंद नहीं करने दिया। ताला बंद करने के प्रयास में करीब 150 शिक्षकों को गिरफ्तार कर लिया गया। सभी शिक्षकों को पुलिस लाइंस ले जाकर अस्थायी जेल में रखा गया। बाद में सिटी मजिस्ट्रेट ने मुचलका भरवाकर सभी को रिहा कर दिया। चारों मूल्यांकन केंद्रों पर भारी पुलिस बल की मौजूदगी में मूल्यांकन कार्य की औपचारिकताएं शुरू हो गई।
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पिछले 25 अप्रैल से यूपी बोर्ड की कॉपियों का मूल्यांकन कार्य शुरू है, लेकिन शिक्षकों के विरोध कारण पांच दिनों तक पूरी तरह से मूल्यांकन कार्य बाधित रहा। शासन स्तर पर वार्ता के बाद भी शिक्षक नहीं माने तो मंगलवार को जिला प्रशासन ने विरोधी शिक्षकों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया। सुबह से ही चारों मूल्यांकन केंद्रों पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया। ऐसी स्थिति में शिक्षक तालाबंदी करने की हिम्मत नहीं जुटा सके। जीआईसी के गेट पर सभी शिक्षकों ने एकत्र होकर ताला बंद करने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस के आगे शिक्षकों की एक नहीं चली। एक-एक करके पुलिस ने शिक्षकाें को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने शिक्षकों में वित्त विहीन स्कूल प्रबंधक महासभा के प्रदेश अध्यक्ष विजय त्रिपाठी, उमेश द्विवेदी, सूर्यपाल सिंह, दुर्गेश मिश्रा, शिवमोहन सिंह, राजेश यादव, रामप्रताप समेत करीब 150 शिक्षकों को गिरफ्तार किया। सभी शिक्षकों को पुलिस लाइंस ले जाया गया। कई घंटे तक रोकने के बाद सिटी मजिस्ट्रेट के निजी मुचलके पर सभी को छोड़ दिया गया। उधर, चारों मूल्यांकन केंद्रों पर पुलिस की मौजूदगी में मूल्यांकन कार्य शुरू हुआ। केंद्रों पर 50 प्रतिशत भी शिक्षक कॉपियों की जांच करने के लिए नहीं पहुंचे। डीआईओएस पन्नाराम ने कहा कि सभी शिक्षक मूल्यांकन कार्य करने के लिए केंद्रों पर पहुंचे। मूल्यांकन कार्य में सहयोग न करने वाले शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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