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सर्वसुलभ व विकास करने वाला हो सांसद

Raebareli Updated Sun, 30 Mar 2014 05:31 AM IST
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रायबरेली। एक अवसर सबके पास है, यह वोट नहीं हथियार है। ये पंक्तियां उन लोगों के लिए हैं, जो अभी भी अपने वोट के अधिकार को समझ नहीं पाए हैं। मौजूदा राजनीतिक परिदृश्य में हमारा सांसद कैसा हो, हमारी उनसे क्या अपेक्षाएं हैं, इस सवाल पर शहर के प्रबुद्धजनों ने जहां भविष्य के सांसद से उम्मीदों का आसमां बांधा वहीं अतीत में मिली निराशा भी उनके बयान में छलकी। शहर के इन उच्च व्यक्तित्वों का मानना है कि चुनाव के समय वायदे करने वाले नेता चुनाव जीतने के बाद गायब हो जाते हैं और उनकी समस्या जैसी की तैसी रहती हैं। उनके अनुसार हमारा सांसद सर्व सुलभ और विकास कराने वाला होना चाहिए। जनता और उसके बीच सीधा संवाद हो सके। इसमें किसी बिचौलिए की भूमिका कतई न हो। लोगों का यह भी कहना था कि कई मौके ऐसे आते हैं जब जनता व सांसद के बीच दीवार की तरह खड़े बिचौलिए सांसद को सही तस्वीर नहीं देखने देते। युवाओं को रोजगार के अवसर दिलाने के लिए लघु, कुटीर और बड़े उद्योगों को बढ़ावा दिया जाए तो अच्छी शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधा मिले। सड़कों की स्थिति में सुधार हो तो जाम, सीवर, अतिक्रमण, बिजली की समस्या दूर हो।
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शहर के एसजेएस पब्लिकस्कूल में शुक्रवार को अमर उजाला के फोकस ग्रुप कार्यक्रम में शहर के विभिन्न क्षेत्रों से आए सेलिब्रिटीज ने हमारा सांसद कैसा हो, जनता की उनसे क्या अपेक्षाएं हैं, इस पर अपनी राय रखी। अवाम की कसौटी पर जनप्रतिनिधि के खरे न उतर पाने पर कहा कि इसके लिए सिर्फ राजनेता ही जिम्मेदार नहीं हैं, बल्कि आम वोटर भी उत्तरदायी है, क्योंकि चुनाव के समय लोग वोट के हथियार का सही इस्तेमाल नहीं करते हैं। राजनीति पर कटाक्ष करते हुए इन व्यक्तित्वों ने खुलकर अपनी बात कही। कहा कि वर्तमान समय की राजनीति सेवा भाव से न होकर पूरी तरह से व्यापार बन गई है। धनबल, बाहुबल के चलते ईमानदार, स्वच्छ छवि वाले और कर्तव्यनिष्ठ नेता सामने नहीं आ पाते हैं। अगर आ भी जाते हैं तो उन्हें वोटर ही पूरी तवज्जो नहीं देते हैं। भ्रष्टाचार के मुद्दे को उठाते हुए प्रबुद्धजनों ने राजनेताओं पर निशाना साधा। कहा कि भ्रष्टाचारी को कतई वोट नहीं देना चाहिए। चर्चा के दौरान सांसद की खूबियों के बारे में सबसे पहली यह बात सामने आई कि हमारा नेता सर्वसुलभ होना चाहिए। जनता बेधड़क होकर अपने जनप्रतिनिधि से समस्या कह सके और मिल सके। ईमानदार और आत्मीयता होनी चाहिए, ताकि बिना किसी भेदभाव के विकास हो सके। इस दौरान लोकसभा चुनाव में घटते मतदान पर भी चिंता व्यक्त की गई। जोर देकर कहा कि अच्छे सांसद का चुनाव तभी हो सकता है, जब मतदान का प्रतिशत बढ़े और हर तबका वोट डाले। विचार मंथन में यह बात भी सामने आई कि गांवों में यदि पानी, बिजली, सड़क जैसी सुविधाएं मिल जाएं तो शहर की ओर लोगों का पलायन रुक जाएगा। कम पढ़ा-लिखा और गरीब तबके के कुछ लोग कई तरह के दबाव में आकर मतदान के लिए पहुंच जाते हैं, जिसका नतीजा यह होता है कि गलत व्यक्ति संसद तक पहुंच जाता है। पढ़ा-लिखा और प्रबुद्ध वर्ग मतदान वाले दिन को छुट्टी का दिन मानकर वोट नहीं निकलता है। जब पढ़े-लिखे लोग वोट का प्रयोग करेंगे तो सही सांसद चुना जा सकेगा। फोकस ग्रुप कार्यक्रम में जिले में बंद पड़े उद्योगों को लेकर भी आवाज उठाई गई। सभी ने एक स्वर में कहा कि सांसद ऐसा होना चाहिए जो बंद पड़े उद्योगों को चलवाए। युवाओं को रोजगार दिलाने के लिए संसदीय क्षेत्र में लघु, कुटीर उद्योगों को बढ़ावा दे। अच्छी शिक्षा व स्वास्थ्य की सुविधा हो। महाविद्यालय खोले जाएं, जिससे छात्र-छात्राओं को पढ़ने में दिक्कत न हो। सीपीएमटी, आईआईटी आदि प्रतियोगी परीक्षाओं की कोचिंग खुले, ताकि यहां के स्टूडेंट्स को दिल्ली, लखनऊ न जाना पड़े। खेल को बढ़ावा देने के लिए भी प्रबुद्धजनों ने अपनी बात रखी। साथ ही वोटरों से इस बार लोकतंत्र के महापर्व पर बढ़-चढ़कर वोट करने का आह्वान किया।
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