रामपुर। जिला पंचायत के नाराज सदस्यों ने अध्यक्ष के खिलाफ फिर आवाज बुलंद कर दी है। टेंडर का भी मामला जिलाधिकारी और कमिश्नर के पास पहुंच गया है।
नाराज सदस्यों ने जिलाधिकारी और कमिश्नर को अवगत कराया कि जिला पंचायत अध्यक्ष अवैधानिक तौर पर विकास कार्य कराना चाहते हैं। सितंबर 2012 में जो निविदाएं निकाली गईं वह अनियमितता के कारण निरस्त कर दी गईं। जिला पंचायत ने फिर निविदाएं निकाली हैं। आरोप लगाया गया कि निविदा गलत हैं और उसमें पूरा ब्योरा नहीं दिया है। डीएम और कमिश्नर को दिए पत्र में कहा है कि जिला पंचायत ने जो निविदा प्रकाशित कराई हैं वह आधारहीन हैं। लिहाजा इसे तत्काल निरस्त किया जाए। पत्र में कहा है कि जिला पंचायत अध्यक्ष ने 17 जनवरी के बाद बोर्ड की कोई बैठक नहीं बुलाई है। जबकि, मार्च और मई में बैठक होना जरूरी थीं। इन्हीं बैठकों में सदस्यों से कार्यों के प्रस्ताव लेकर कार्य योजना तैयार की जानी थी।
नाराज सदस्यों का कहना था कि प्रत्येक जिला पंचायत क्षेत्र की निविदा वितरण सहित निकाली जानी चाहिए थी। सदस्य मो. अहसान और सुखविंदर सिंह चीमा ने चेतावनी दी कि किसी भी तरह की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अवैधानिक तौर पर निकाली गई निविदा निरस्त और बोर्ड की बैठक नहीं बुलाई जाती है को अध्यक्ष के खिलाफ अनशन शुरू कर दिया जाएगा।