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पुष्टाहार की कालाबाजारी में सीडीपीओ निलंबित

Rampur Updated Sun, 11 May 2014 05:31 AM IST
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रामपुर। बाल पुष्टाहार की कालाबाजारी में सीडीपीओ मंजू लता फंस गई। जांच में दोषी पाए जाने पर शासन ने उन्हें निलंबित कर दिया। हालांकि निलंबन का आदेश अभी जिले को नहीं मिला है।
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बाल विकास विभाग में कई महीने से उथल पुथल मची है। कहीं पुष्टाहार में कालाबाजारी तो कहीं हाट कुक्ड में घपले का मामला सुर्खियों में आ चुका है। करीब तीन महीने पहले भाकियू ने बाल विकास परियोजना शाहबाद में पुष्टाहार की कालाबाजारी का मामला पकड़ा था। अधिकारियों ने मामले की जांच कराई तो बाल विकास परियोजना अधिकारी(सीडीपीओ) मंजू लता को दोषी ठहराया गया। मुख्य विकास अधिकारी ने इस मामले में सीडीपीओ को जिला कार्यक्रम अधिकारी के कार्यालय से अटैच कर उनका जवाब तलब किया। बाद में तत्कालीन डीएम ने उन्हें सैदनगर का जार्च दे दिया। उसी दिन चुनाव आचार संहिता लग गई। सीडीपीओ ने डीएम के आदेश पर चुनाव आचार संहिता केदौरान ही मिलक का चार्ज ले लिया।
सीडीओ ने सीडीपीओ को चुनाव आचार संहिता केउल्लंघन का दोषी मानते हुए उन्हें मिलक से हटाकर फिर जिला कार्यक्रम अधिकारी के दफ्तर से अटैच कर दिया। साथ ही सीडीपीओ के खिलाफ जांच रिपोर्ट शासन को भेज दी गई। सीडीपीओ मंजू लता ने बताया कि बाल पुष्टाहार की कालाबाजारी के आरोप में उन्हें निलंबित कर दिया गया। हालांकि निलंबन आदेश अभी जिले को नहीं मिले हैं। मंजू लता का आरोप है कि उन्होंने बाल विकास विभाग में गड़बड़ी का भंडाफोड़ किया था। इसलिए अधिकारियों ने उनके खिलाफ शासन को गलत रिपोर्ट भेजी है।
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