रामपुर। समस्याओं के लेकर किसानों आक्रोश फिर फूट पड़ा। भाकियू (भानु गुट) ने नहरों की सफाई और गन्ना भुगतान को लेकर कलेक्ट्रेट में धरना दिया। साथ ही अपर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौैंपा। कार्यकर्ताओं का कहना था कि ग्रामीण क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति का भी बुरा हाल है।
भकियू कार्यकर्ता अंबेडकर पार्क में जमा हुए। इसके बाद राष्ट्रीय महासचिव मो. हनीफ वारसी के नेतृत्व में जुलूस की शक्ल में नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे। कुछ देर प्रदर्शन के बाद धरने पर बैठ गए। काफी देर बाद नगर मजिस्ट्रेट धरना स्थल पर पहुंचे। नगर मजिस्ट्रेट ने किसानों को लेकर कुछ टिप्पणी कर दी। नगर मजिस्ट्रेट से कार्यकर्ता नाराज हो गए। उन्होंने नगर मजिस्ट्रेट को ज्ञापन देने से इनकार कर दिया। बाद में अपर जिलाधिकारी ने धरना स्थल पर पहुंचकर ज्ञापन लिया। डीएम को संबोधित ज्ञापन में कहा कि नहरों की सफाई के नाम पर खानापूरी कर दी गई हैं। नहरों में टेल तक पानी नहीं पहुंच रहा है। इससे फसलों की सिंचाई नहीं हो पा रही है। बिजली वितरण प्रणाली में भी अनियमितता बरती जा रही है। अशोकनगर बिजली घर के डिबडिबा फीडर से उद्योगपतियों को 24 घंटे और बाकी फीडर से कुछ ही घंटे बिजली मिल पा रही है।
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत डलवाई गईं सड़कें अधूरी हैं। सड़कों के रखरखाव पर भी ध्यान नहीं दिया जा रहा है। ज्ञापन में कहा कि पेट्रोल पंपों में घटतौली की जा रही है। गैस वितरण में भी धांधली बरती जा रही है। ज्ञापन में गन्ना भुगतान, रामपुर को सूखाग्रस्त घोषित करने, गांवों को 18 घंटे बिजली देने और मनरेगा की जांच कराने की मांग की। ज्ञापन देने वालों में जिलाध्यक्ष मो. सलीम वारसी, प्रदेश उपाध्यक्ष संतोष कुमार सिकदार, नजाकत अली, बाबूराम, मो. उस्मान. राजेंद्र सिंह, हरताल सिंह यादव, जगतार सिंह, छुट्टन, गुरनाम सिंह, अरमान, राजू भट्टी, नावेद खां, अजयरपाल सिंह, रमश, नत्थू सिह शामिल थे।