उत्तर प्रदेश में लखनऊ से प्रदर्शन कर लौट रहे आरक्षण समर्थकों ने बरेली पैसेंजर में भी जमकर बवाल काटा। एमएनएनआईटी के पास चेन पुलिंग कर ट्रेन रोक ली और गाड़ी पर पथराव शुरू कर दिया।
यात्रियों के उतरने के बाद नारेबाजी कर रहे आरक्षण समर्थकों ने ट्रेन के एक कोच में आग लगा दी। इसके बाद वे मौके से भाग गए। ट्रेन के ड्राइवर और गार्ड ने किसी तरह आग पर काबू पाया। इसके बाद ट्रेन को प्रयाग स्टेशन पहुंचाया जा सका।
बाद में जले हुए कोच को पीआरएल पैसेंजर से लखनऊ रवाना कर दिया गया। घटना में ट्रेन के गार्ड एसएन यादव ने जीआरपी में अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।
बताते हैं कि बुधवार को लखनऊ में प्रदर्शन के बाद गाड़ी संख्या 54378 बरेली-प्रयाग पैसेंजर में भारी संख्या में आरक्षण समर्थक सवार हुए।
ठसाठस भरी ट्रेन रात 2.33 बजे फाफामऊ स्टेशन से प्रयाग के लिए चली तो गंगा पुल पार करते ही महावीर पुरी और एमएनएनआईटी के बीच आरक्षण समर्थकों ने चेन पुलिंग कर ट्रेन को रोक लिया।
इसके बाद नारेबाजी करते हुए गाड़ी पर पथराव भी किया। इससे चार कोचों की खिड़कियों के शीशे चकनाचूर हो गए। ब्लेड से दर्जनभर सीटों को भी क्षतिग्रस्त कर दिया। साथ ही कोच (संख्या 12402 एनआर) में आग लगा दी।
इससे कोच की पांच बर्थ आग की चपेट में आ गईं। बर्थ की रेक्सीन और फोम जलने लगे। इससे पूरी ट्रेन में आग पकड़ने का खतरा बढ़ गया। उपद्रवियों की मौजूदगी तक ट्रेन के गार्ड और ड्राइवर ने घटना की सूचना कंट्रोल और प्रयाग स्टेशन को दी और दुबक कर बैठ गए।
उपद्रवियों के हटने के बाद ट्रेन के गार्ड और ड्राइवर ने अग्निशमन यंत्र से आग पर काबू पाया।
इसके बाद ट्रेन प्रयाग स्टेशन की ओर बढ़ाई गई तो पॉलीटेक्निक गेट के पास केबिनमैन को एक डिब्बे से धुआं निकलता दिखा। उसने स्टेशन पर इसकी खबर दी। ट्रेन के स्टेशन पहुंचने पर रेल कर्मियों ने पूरी तरह से आग पर काबू पाया।
स्टेशन प्रबंधक पीके मणि त्रिपाठी के मुताबिक घटना में छह सीटें जल गईं। 16 सीटें और 16 खिड़कियां क्षतिग्रस्त मिले हैं। ज्यादा नुकसान इंजन के पीछे चौथी बोगी में हुआ।
दूसरी ओर ट्रेन पर पूरी तरह कब्जा कर चुके आरक्षण समर्थकों ने सभी कोचों के अंदर जातिसूचक गालियां भी लिख डालीं। बरेली और अन्य स्टेशनों से ट्रेन पर सवार यात्रियों के साथ दुर्व्यवहार भी किया गया।