सिरसी, संभल और आसपास के गांवों के लोगों के पासपोर्ट आवदेनों का वेरीफिकेएशन एलआईयू करती है। आरोप है कि इसके लिए आवेदकों से वसूली की जाती है। सोमवार को एक वीडियो वायरल हुआ जिसमें एलआईयू के कांस्टेबल नरदेव रुपये गिनते हुए दिखाई दे रहे हैं। यह वीडियो सिरसी निवासी अरशद और अली करीम ने मिलकर सोमवार को दोपहर उस वक्त बनाया था जब पासपोर्ट आवेदन के लिए जांच कराने पहुंचे थे।
अरशद ने अपनी जेब में कैमरा ऑन करके मोबाइल फोन रख लिया था। पासपोर्ट आवेदन की जांच के लिए मांगने से लेकर रुपयों देेने तक का घटनाक्रम इस मोबाइल फोन में रिकार्ड हुआ है। अपर पुलिस अधीक्षक कमलेश दीक्षित ने मंगलवार को यह रिकार्डिंग देखी है।
अपर पुलिस अधीक्षक कमलेश दीक्षित ने बताया कि कांस्टेबल नरदेव को निलंबित कर दिया गया है। जांच की जिम्मेदारी सीओ प्रमोद कुमार को सौंपी गई है। अपर पुलिस अधीक्षक कमलेश दीक्षित ने बताया कि जांच के दौरान वीडियो को देखा जाएगा। जांच अधिकारी साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई को आगे बढ़ाएंगे।
जांच पत्रावलियों में स्टेपल किए जाते थे घूस के रुपये
संभल(ब्यूरो)। एलआईयू में जांच के लिए आने वाले आवेदनों में पांच सौ रुपये से छह सौ रुपये तक लिए जाने का खुलासा वीडियो में हुआ है। वीडियो बनाने वाले युवकों का कहना है कि एक आवेदन पर छह सौ रुपये मांगे जाते हैं लेकिन यदि कोई ना नूकुर करता है तो पांच सौ रुपये में भी काम चल जाता है। उनके एक युवक आया था जिसके माता पिता के पासपोर्ट की जांच होनी थी। दोनों के लिए 1200 रुपये मांगे गए थे जिसमें कुछ रुपये कम होने की वजह से थोड़ी सी चिकचिक भी हुई थी।
रुपये लेने के घटनाक्रम का वीडियो बनाकर हकीकत सामने लाने वाले सिरसी निवासी अरशद ने बताया कि उनके दोस्त अली करीम के पासपोर्ट की जांच के लिए भी छह सौ रुपये मांगे गए थे और बड़े मुश्किल में पांच रुपये लिए गए। इन युवकों ने बताया कि जब उन्होंने रुपये देने से इनकार किया तो एलआईयू के कांस्टेबिल ने उसे ऐसे दो आवेदन पत्र दिखाए जिनमें पांच पांच सौ रुपये स्टेपल थे। फाइलों में रुपये दिख पोल कलई खोली है।