खाद्य पदार्थ के दस नमूने जांच रिपोर्ट में फेल मिले। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि विभाग की ओर से दस नमूनों से जुड़े 11 कारोबारियों पर एडीएम कोर्ट में मुकदमा दर्ज कराया गया। दूध, बेसन, नमक, नमकीन और पेड़ा के पूर्व में लिए गए नमूनों की जांच रिपोर्ट में अधोमानक और नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होने के बाद यह कार्रवाई हुई। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि विभाग की अभिहित अधिकारी मंजूषा सिंह ने बताया कि पूर्व में लिए गए दूध के छह नमूने, बेसन,नमक, नमकीन व पेड़ा के एक -एक नमूने की जांच रिपोर्ट मिली है। नमूने फेल होने के बाद एडीएम कोर्ट में 11 लोगों के खिलाफ मुकदमा दायर कराया गया है।
20 अक्टूबर 2015 को अब्दुल सलाम पुत्र अब्दुल रहीम निवासी दुधारा से मिश्रित दूध का नमूना लिया गया था। जबकि 31 अगस्त 2015 को मीरगंज कोतवाली निवासी महेश कुमार पुत्र शिव प्रसाद से मिश्रित दूध, 11 दिसंबर 2015 को देंवेद्र कुमार यादव पुत्र राममिलन निवासी जंगलदीगर थाना हरपुर बुदहट के पास से मिश्रित दूध, साधू पुत्र चंद्रभान निवासी ओडवलिया थाना सहजनवां के पास से 16 दिसंबर 2015 को गाय के दूध का नमूना जांच के लिए लिया गया था।
इसी तरह 16 सितंबर 2015 को रामनवल यादव पुत्र राजबली निवासी इमिलीडीहा थाना सहजनवां के पास से मिश्रित दूध, 19 सितंबर 2015 को मनोबा पुत्र भजुराम निवासी सिरमोहनी कोतवाली के पास से मिश्रित दूध का नमूना जांच हेतु लिया गया था। दूध के सभी छह नमूने की जांच रिपोर्ट में अधोमानक होना पाया गया है।
दूध में निर्धारित फैट की मात्रा जांच रिपोर्ट में कम पाया गया है। इसी तरह पुरानी तहसील खलीलाबाद निवासी दुकान मालिक राजेश पुत्र ओम प्रकाश और विक्रेता राजेंद्र पुत्र ओम प्रकाश के वहां से 20 अक्टूबर 2015 को पेड़े का नमूना लिया गया था,जो जांच रिपोर्ट में बाह्य पदार्थ युक्त यानि मिलावट का होना पाया गया है। कोतवाली निवासी हरिराम पुत्र राजाराम के वहां से 25 जुलाई 2015 को सरगम ब्रांड नमकीन का नमूना लिया गया था। जिसकी जांच रिपोर्ट में नियमों का उल्लंघन होना पाया गया है।
बंडा बाजार निवासी प्रहलाद पुत्र भगवान दास की दुकान से 31 अगस्त 2015 को तड़का ब्रांड का आयोडीन युक्त नमक का नमूना लिया गया था, जो जांच रिपोर्ट में अधोमानक पाया गया है। दुधारा क्षेत्र के लोहरौली ठकुराई निवासी राजकुमार पुत्र रामहरख की दुकान से 29 जनवरी 2016 को बेसन का नमूना लिया गया था,जो जांच रिपोर्ट में अधोमानक पाया गया है। जिन नमूनों में अधोमानक पाया गया है, उसमें पांच लाख रुपये तक का जुर्माना का प्रावधान है। जबकि नियमों के उल्लंघन के मामले में दो लाख रुपये जुर्माना का नियम है। इन दस नमूने की जांच रिपोर्ट से संबंधित कुल 11 लोगों पर एडीएम कोर्ट में वाद दायर करा दिया गया है।