शामली। मुख्य चिकित्सा अधिकारी परिसर में बने डीटीओ आफिस में संदिग्ध हालात में एक सप्ताह पहले लगी आग के मामले को विभाग की ओर से लगातार दबाने का प्रयास किया गया। इस घटना का न तो कारण बताया जा रहा और न ही कोई जांच की गई है। सूत्रों की माने तो शासन में लंबित जांच के रिकार्ड को नष्ट करने की मंशा भी इस आग का कारण हो सकती है।
विभागीय सूत्रों से पता चलने पर जब डीटीओ आफिस के पास का स्थल देखा गया तो वहां अब भी दीवारें आग से काली पड़ी हैं। कार्यालय के पीछे काफी संख्या में बेकार वैक्सीन बॉक्स का भंडारण किया जाता है। उसमें भी यह आग लगी। गनीमत तो यह भी रही कि इस आग से डीटीओ आफिस में आग लगने से बची। बता दें कि इस कार्यालय में वर्ष 2012 और 2014 में हुई भर्तियों का वह रिकार्ड भी है जिसमें गोलमाल की जांच शासन में लंबित है।
ऐसे में आशंका यह भी है कि रिकार्ड जलाने की मंशा से इस घटना को अंजाम न दिया गया हो। लेकिन विभागीय अफसर और कर्मचारी अब तक खुलकर नहीं बोल रहे हैं।
उधर, एसीएमओ डा. सफल कुमार का कहना है कि उनके पास यही जानकारी पहुंची थी कि डीटीओ आफिस के पास कूड़े में आग लगी थी। इसका धुआं ही कार्यालय तक गया था। वैक्सीन बॉक्सों के नुकसान की जानकारी उन्हें नहीं है। जरूरत पड़ी तो जांच कराएंगे।