शामली। सूबे की भाजपा सरकार की पहली कैबिनेट की बैठक में किसानों के कर्ज माफी, एंटी रोमियो स्क्वॉयड का गठन, अवैध बूचड़खानों के खिलाफ कार्रवाई सहित कई महत्वपूर्ण घोषणा की गई। उनमें कुछ घोषणाओं पर अमल होने लगा, लेकिन कर्ज माफी को लागू करने में व्यवस्था अभी हांफ रही है। अब तक यह भी तय नहीं हो पाया है कि कितने किसानों का कर्ज माफ होगा और उसका क्या प्राविधान होगा।
सूबे की भाजपा सरकार के सत्ता संभाले हुए एक महीने पूरे हो गए। विधानसभा चुनाव के दौरान जारी किए संकल्प पत्र के अनुसार प्रदेश सरकार ने लघु एवं सीमांत किसानों का एक लाख रुपये तक का फसली
ऋण माफ करने का आदेश दिया था। इसके बाद ही जिला स्तर पर किसानों का ब्यौरा जुटाने की कवायद शुरू करा दी गई थी, मगर एक महीना होने के बावजूद अब तक यह प्रक्रिया ही पूरी नहीं हो सकी है। 10 अप्रैल को राज्यस्तरीय बैंकर्स समिति के महाप्रबंधक एवं संयोजक बीएस ढाका ने सभी जिलों के लीड बैंक मैनेजरों को पत्र भेजकर किसानों का ब्यौरा निर्धारित प्रारूप में भरकर भेजने का निर्देश दिया था। 17 अप्रैल तक ब्यौरा मांगा गया, मगर अब तक बैंक शाखाओं की तरफ से यह ब्यौरा भेजा ही नहीं गया है। ऐसे में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की महत्वपूर्ण घोषणा को पूरा होने में देरी हो रही है।
लीड बैंक मैनेजर हरपाल सिंह तोमर का कहना है कि जिले में 112 बैंक शाखाएं हैं। सभी शाखा प्रबंधकों को कृषकों का ब्यौरा जुटाकर भेजने के लिए निर्धारित प्रारूप भेज दिया गया है। जैसे ही ब्यौरा संकलित होकर आएगा, उसे शासन को भेज दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि जिले में करीब 95 हजार किसान हैं, जिन्होंने ऋण लिया हुआ है। उनमें लघु एवं सीमांत किसानों की अनुमानित संख्या करीब 60 हजार है।
21 बिंदुओं में भेजा जाएगा किसानों का ब्योरा
बैंकों शाखाओं को किसान का नाम, पता, मोबाइल नंबर, बैंक शाखा का नाम, आईएफएस कोड, कृषकों का खाता नंबर, गाटा संख्या, खसरा नंबर और खतौनी, रकबा, लिए गए ऋण की रकम, कितना जमा हुआ, कितना बकाया आदि करीब 21 बिंदुओं में ब्यौरा भरकर भेजना होगा। उसके लिए बैंक शाखाओं से ऑनलाइन ब्योरे के साथ ही फाइलों में दर्ज भूमि का रिकार्ड भी खंगालना पड़ेगा।
इन घोषणाओं पर शुरू हो गया कार्य
बिजली बिल पर सरचार्ज माफ
शहरी और ग्रामीण क्षेत्र के विद्युत उपभोक्ताओं को बकाया बिजली बिल में सरचार्ज माफ की घोषणा पर अमल शुरू हो गया है, जिसे 15 अप्रैल से ही लागू किया गया है। एकमुश्त समाधान योजना की तरह 31 मई 2017 तक बकाया विद्युत बिलों पर 100 प्रतिशत सरचार्ज माफ किया जा रहा है। लघु एवं मध्यम (औद्योगिक) श्रेणी के उपभोक्ताओं को 50 प्रतिशत सरचार्ज माफ किया जाएगा। इसके लिए शहरी और ग्रामीण (घरेलू, वाणिज्यिक, निजी संस्थान, निजी नलकूप) उपभोक्ताओं को पंजीकरण शुल्क एक हजार रुपये देना होगा। शहरी उपभोक्ताओं के पंजीकरण 31 मई तक, जबकि ग्रामीण उपभोक्ताओं का पंजीकरण 15 जून और लघु एवं मध्यम औद्योगिक उपभोक्ताओं का पंजीकरण 15 मई तक होगा। अधीक्षण अभियंता एके सिंह ने बताया कि योजना के संबंध में सभी अधिशासी अभियंता और एसडीओ को अवगत करा दिया गया है तथा योजना के संबंधित बैनर बनवाकर बिजलीघरों पर लगवा दिए गए हैं।
सक्रिय हुई पुलिस की एंटी रोमियो स्क्वॉयड
छेड़छाड़ की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए प्रदेश सरकार ने एंटी रोमियो स्क्वॉयड का गठन कराया।
शामली जनपद में भी थानावार इसका गठन हुआ, जिसके बाद एंटी रोमियो स्क्वॉयड सक्रिय हुई, तो छेड़छाड़ की घटनाओं पर प्रभावी कार्रवाई की गई। एक महीने के दौरान कोतवाली शामली में सात मामले दर्ज हुए, जिनमें 60 युवकों को एंटी रोमियो स्क्वॉयड ने पकड़ा और चेतावनी देकर छोड़ दिया। इसी तरह आदर्श मंडी थाना पुलिस ने करीब 25 युवकों को पकड़ा और चेतावनी देकर छोड़ा। एक महीने के दौरान जिले भर में 100 से ज्यादा युवकों को एंटी रोमियो स्कवॉयड ने पकड़ा।
बंद हुआ अवैध पशु कटान
प्रदेश सरकार के निर्देश पर पशु तस्करी रोकने, गो हत्या रोकने और अवैध पशु कटान पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने पर प्रभावी रूप से अमल हुआ। हरियाणा बॉर्डर पर प्रभावी चेकिंग ने पशु तस्करी पर लगाम लगाई। वहीं, कैराना में चल रहे मीट प्लांट पर नियमों का पालन नहीं करने के कारण सील लगा दी गई। विभिन्न इलाकों में होने वाले अवैध पशु कटान पर भी रोक लगी, लेकिन गुपचुप ढंग से मकानों में अवैध पशु कटान के मामले सामने आ रहे हैं। वहीं, पशु पैंठ पर नियमों का कड़ाई से पालन शुरू कराया गया, तो पशु चिकित्सक भी निरीक्षण करने लगे, जिसका असर यह हुआ कि पशु पैंठ पर पूर्व की तरह पशुओं की खरीद फरोख्त बंद हो गई। शामली जनपद में खेडीकरमू, बनत और झिंझाना में पशु पैंठ लगती है। पूर्व में वहां हर सप्ताह सैकड़ों वाहनों की बिक्री होती थी, लेकिन अब प्रति सप्ताह 50 से 100 पशुओं की खरीद फरोख्त ही हो रही है।