सिद्धार्थनगर। जनपद का इकलौता शिवपति स्नातकोत्तर महाविद्यालय अपनी उपेक्षा पर आंसू बहा रहा है। बुनियादी सुविधाओं से महरूम इस महाविद्यालय में पढ़ाने के लिए शिक्षकाें की कमी और अन्य परेशानियाें से महाविद्यालय जूझ रहा है। इसे लेकर महाविद्यालय के छात्रों ने डीएम को ज्ञापन दिया।
ज्ञापन से पहले कॉलेज में हुई सभा में छात्र नेता अनूप सिंह ने कहा कि शिवपति महाविद्यालय में आज भी व्यावसायिक कम्प्यूटर शिक्षा नहीं दी जा रही है। इसलिए आज भी छात्र और छात्राएं कम्प्यूटर की शिक्षा से वंचित हैं। पुस्तकालय में ज्ञानवर्धक और उच्चकोटि के लेखकों की पुस्तकें आज तक नहीं उपलब्ध हो सकीं। इसके कारण महाविद्यालय में छात्र तथा छात्राओं को अध्ययन में पेरशानी हो रही है। महाविद्यालय में कई ऐसे विषय हैं जिनके पढ़ाने के लिए अध्यापक नहीं है। इसके बाद भी इस दिशा में कोई भी प्रयास जिम्मेदारों ने नहीं किया।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय योजना सेवा (एनएनएस) कई वर्षाें से बंद चल रहा है। बंद होने के कारण छात्रों को मिलने वाला लाभ नहीं मिल पा रहा है। महाविद्यालय के बगल में बने निजी स्कूल और दुकानाें में चलने वाले जनरेटर की वजह से तेज आवाजें आती हैं। इसके कारण पाठन-पाठन में छात्र और छात्राओं को काफी परेशानी उठानी पढ़ती है। साथ ही छात्रावास में बिजली पानी और सफाई नहीं है। इतनी परेशानी होने के बाद भी इस दिशा में कोई प्रयास नहीं किया जा रहा है, जबकि इन समस्याआें को महाविद्यालय के आला अधिकारी भी जानते हैं। इसके बावजूद भी इस दिशा में संबंधित विभाग के लोगाें ने पहल नहीं की। छात्रों का कहना है कि शिवपति महाविद्यालय जिला का एकलौता ऐसा विद्यालय है जहां पर पीजी की कक्षाएं चलती हैं। इसके बाद भी इस महाविद्यालय के साथ ऐसा व्यवहार किया जा रहा है। सभा के बाद दर्जनों छात्राें ने इस समस्या के संबंध में डीएम को ज्ञापन दिया। इस दौरान निशांत श्रीवास्तव, सुभाष अग्रहरि, शशांक अग्रहरि, हरिश्चंद्र, अमित उपाध्याय, रजित यादव आदि उपस्थित रहे।