सिद्धार्थनगर। सीसीटीएनएस (क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क सिस्टम) के तहत लोहिया कला भवन में बुधवार को सौ लोगों को जानकारी दी गई। यहां बताया कि घर बैठे आप थाने में कोई शिकायत दर्ज करा सकते हैं। एसपी श्रीपर्णा गांगुली लोगों के सवालों का जवाब देती रहीं।
ट्रेनर अजीत कुमार ने बताया कि कंप्यूटर सिस्टम से थाने जुड़ने के बाद किसी भी मुकदमे की स्थिति जान सकेंगे। इससे विवेचना अधिकारी को राहत मिलेगी। यह व्यवस्था गृह मंत्रालय से लागू की गई है। इसकी शुरुआत पहले चरण में देश के तीन राज्यों तमिलनाडु, कर्नाटक और केरल में हो चुकी है।
उत्तर प्रदेश के तीन जिलों गाजीपुर, मुरादाबाद और लखनऊ में भी योजना लागू है। दूसरे चरण में 34 जिलों में 995 स्थानों पर तीन माह में योजना लागू की जाएगी। उन्होंने बताया कि ऐसा करने से अपराधियों की विवेचना, अपराधियों की खोज और पुलिस कार्यप्रणाली में सुधार होगा।
साथ ही देश के अपराधियों का रिकार्ड हर थाने में आसानी से मिल जाएगा। उन्होंने बताया कि आगे इस योजना में आरटीओ और ट्रैफिक पुलिस को भी जोड़ा जाएगा। नेटवर्क फेल होने पर भी ऑफ लाइन से शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। उन्होंने बताया कि जैसे ही योजना की शुरुआत होगी वैसे ही दस साल पूर्व के रिकार्ड कंप्यूटर में उपलब्ध कराए जाएंगे।
इसके तहत हर थाने में विभाग से चार कंप्यूटर, यूपीएस, जनरेटर दिया जाएगा। प्रशिक्षण के बीच में कई सवाल किए गए। इसका जवाब ट्रेनर अजीत और श्रीपर्णा गांगुली ने दिया। इस दौरान एसपी अशोक कुमार वर्मा, एसपी पीआरओ शिवाकांत मिश्रा, एसओ नरेंद्र सिंह, एसओ मनोज कुमार त्रिपाठी, एसओ दिनेश यादव, प्रधान अमर सिंह चौधरी, जयंत पांडेय, प्रधान संघ जिलाध्यक्ष श्याम नरायन मौर्या, हेमंत यादव समेत अन्य मौजूद रहे।