सिद्धार्थनगर। प्रत्येक 10 वर्ष बाद होने वाली आर्थिक गणना का कार्य शुरू हो रहा है। छठी आर्थिक गणना के लिए भारत सरकार के निर्देशों के क्रम में मुख्य सचिव उत्तर प्रदेश शासन ने प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों को पत्रक भेज 01 से 30 जून तक जनपद के ग्रामीण व नगरीय क्षेत्रों में निवास करने वालों की आर्थिक गणना कराने को कहा है। इसको लेकर कवायद शुरू हो गई है। इसी आधार पर गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले लोगों को योजनाओं का लाभ मिलेगा।
गणना, वर्ष 2011 में हुई जनगणना में प्रयुक्त प्रगणन खंडों, संक्षिप्त मकान सूची एवं नजरी नक्शा के आधार पर की जानी है। आर्थिक गणना कार्य के लिए राज्यपाल ने खंड विकास अधिकारियों को ब्लॉक खंड और अधिशासी अधिकारी को नगर निकाय का आर्थिक गणना चार्ज अधिकारी नियुक्त किया है। अधिकारी संबंधित विकास खंड व नगर निकाय क्षेत्र में होने वाली आर्थिक गणना का कार्य गुणवत्तापूर्ण व सुचारु रूप से कराने के उत्तरदाई होंगे। ग्रामीण क्षेत्रों में गणना कार्य शिक्षा मित्र, पंचायत मित्र, ग्राम पंचायत अधिकारी, ग्राम विकास अधिकारी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, ट्यूबवेल ऑपरेटर आदि से कराया जाना है। इसके लिए इनको प्रशिक्षित किया जाएगा। नगरीय क्षेत्रों में कर्मियों की कमी को देखते हुए चार्ज अधिकारी शिक्षित बेरोजगारों को प्रशिक्षित कर कार्य ले सकते हैं।
दो दिन होगा प्रशिक्षण
जनपद के समस्त 14 विकास खंडों में आर्थिक गणना करने वाले कर्मियों का प्रशिक्षण दो पाली में 05 व 06 जून को होगा। प्रशिक्षण के दूसरे दिन व्यवहारिक प्रशिक्षण होगा। इसमें समस्त प्रगणक व पर्यवेक्षक भाग लेंगे।
फसल व बागवानी को छोड़ होगी गणना
आर्थिक गणना के दौरान लोगों की फसल व बागवानी कार्यों को छोड़कर आय के समस्त स्रोतों को शामिल किया जाएगा। इस दौरान वर्ष 2011 की जनगणना में सामने आए मकान सूची व नजरी नक्शा को भी आधार बनाया जाएगा।
आर्थिक गणना को प्रशिक्षण हुआ
विकास भवन सभागार में मंगलवार को छठी आर्थिक गणना के बाबत जनपद स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित हुआ। डीएम एसपी मिश्र की अध्यक्षता में हुए प्रशिक्षण के दौरान नियुक्त किए गए चार्ज अधिकारियों को उनके दायित्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। प्रशिक्षण दो दिन चलेगा। इस दौरान गणना की गुणवत्ता आदि के बारे में बताया जाएगा।