डुमरियागंज। ‘पांच हजार रुपये ग्राम निधि खाते में जमा करो तभी मिलेगी सूचना’ यह कहना है, ग्राम पंचायत शुकालाजोत में तैनात सेक्रेटरी का। जिसमें ग्राम पंचायत में आवास, पेंशन और विकास कार्याें से संबधित 22 बिन्दुओं पर कुसम्ही गांव के शोभा ने आरटीआई के तहत सूचना मांगी थी।
उन्होंने 27 सितंबर को भनवापुर बीडीओ से अपने ग्राम पंचायत शुकालाजोत में विकास कार्य, आवास, सार्वजनिक वितरण प्रणाली और एमडीएम से संबधित 22 बिन्दु पर सूचना मांगी थी। जन सूचना अधिकार अधिनियम के तहत मांगी सूचना में शोभा ने यह भी बताया था कि उसे सूचना नि:शुल्क दिया जाए, क्योंकि वह बीपीएल कार्डधारक है। समय सीमा बीत जाने के बाद 1 नवंबर को शोभा ने रिमाइंडर भेज सूचना देने की मांग की। मगर सूचना के बजाए गांव के सेक्रेटरी अंजूलेश करकटा ने आरटीआई के नियमों को ताक पर रख सूचना के बदले शोभा से 5000 रुपए की डिमांड लेटर भेज दिया। जिस पर शोभा ने उप्र. शासन के प्रमुख सचिव गिरिराज वर्मा के पत्र का हवाला देकर सेक्रेटरी को दुबारा पत्र लिख बताया कि गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वालों से सूचना देने के बदले किसी प्रकार का शुल्क नहीं लेने का निर्देश है। मगर सेक्रेटरी ने उस पत्र को लेने के बजाए उन्हें लौटा दिया।
इस संबंध मेें भनवापुर बीडीओ भगवान सिंह ने कहा कि आवेदक अपीलीय अधिकारी एडीओ पंचायत को पत्र लिखकर सूचना मांगे, सूचना उसे अवश्य दिलवायी जायेगी। सूचना देने में मनमानी और नियमों की अनदेखी करने वाले सेक्रेटरी के खिलाफ कार्रवाई की जायेगी।
रबीन्द्र कुमार गुप्ता