मिश्रिख (सीतापुर)। मिश्रिख के पौराणिक दधीचि कुंड में आक्सीजन की कमी से मछलियों की मौत के मामले में एडीएम राजेश कुमार पांडेय ने मत्स्य विभाग के विशेषज्ञों की टीम के साथ मौके पर जाकर कुंड का जायजा लिया। उन्होंने मौत के कारणों की विस्तृत जांच पड़ताल भी की। इसके बाद में एडीएम ने कुंड का मेडीकेशन भी कराया। उधर, रविवार को इसी कुंड में हजारों मछलियों की मौत हो गई।
मालूम हो कि शनिवार को दधीचि कुंड में आक्सीजन की कमी और प्रदूषण से सैकड़ों में मछलियों की मौत हो गई थी। इस मामले में एडीएम राजेश कुमार पांडेय ने दधीचि कुंड का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने मत्स्य विभाग के अधिकारियों व अन्य जानकारों से मौत की वजह जानी। जांच में पता चला कि धूप न निकलने से हुई ऑक्सीजन की कमी से मछलियों की मौत हुई है। एडीएम पांडेय ने बताया कि तीर्थ कुंड में क्षमता से अधिक मछलियां हैं, साथ ही उसका पानी भी काफी समय से बदला नहीं गया है। क्षेत्र के लोग धार्मिक नजरिये के कारण मछलियों का शिकार भी नहीं करते हैं। ऐसे में इनकी संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। मत्स्य विभाग द्वारा तालाब का मेडीकेशन कराकर ऑक्सीफ्लोर समेत कई अन्य दवाओं का छिड़काव कराया। इसी के साथ कुंड में फौव्वारा बनाकर पानी में हलचल पैदा करने की योजना पर भी विचार किया गया। एडीएम ने बताया कि मछलियों को बचाने के लिये हर संभव प्रयास किया जायेगा।