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लड़कियों ने फिर बाजी मारी

Sitapur Updated Fri, 31 May 2013 05:30 AM IST
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सीतापुर। सीबीएसई हाईस्कूल की परीक्षा में जिले में एक बार बालिकाओं का दबदबा रहा है। इस परीक्षा में जिले के आठ स्कूलों के 736 छात्र-छात्राएं शामिल हुए। जिनमें से 63 स्टूडेंट्स ने शत-प्रतिशत अंक हासिल कर अपनी प्रतिभा का डंका बजाया है। स्टडी वेल पब्लिक स्कूल के सर्वाधिक 25 बच्चों ने शत-प्रतिशत अंक प्राप्त किए। जिनमें 13 छात्राएं शामिल हैं। इस स्कूल के कुल 91 बच्चे परीक्षा में शामिल हुए थे। सिंघानिया एजूकेशन इंस्टीट्यूट से 112 बच्चे परीक्षा में शामिल हुए थे। जिनमें से 17 बच्चों ने शत-प्रतिशत अंक हासिल किए। सिंघानिया एजूकेशन इंस्टीट्यूट ऐसा विद्यालय रहा, जहां के बच्चों ने बोर्ड एग्जाम दिए। अन्य स्कूलों के बच्चों ने होम एग्जाम दिया। केंद्रीय विद्यालय तीसरे पायदान पर रहा। यहां 84 बच्चों में सात बच्चों को शत-प्रतिशत अंक मिले। चौथे स्थान पर रहने वाले सुमित्रा माडर्न स्कूल से 87 छात्र-छात्राओं ने इस परीक्षा में हिस्सा लिया था। जिनमें से पांच विद्यार्थियों को सौ में सौ अंक हासिल हुए। पुलिस माडर्न स्कूल में 52 छात्र-छात्राओं में चार, महर्षि विद्यामंदिर इंटर कॉलेज में 85 में तीन तथा ग्रीनफील्ड हरगांव में 140 बच्चों में दो बच्चों को शत-प्रतिशत अंक मिले। जवाहर नवोदय विद्यालय में 85 बच्चों में किसी को भी शत-प्रतिशत अंक (ग्रेड) नहीं मिल सका। परीक्षा परिणाम घोषित होते ही साइबर कैफै में बच्चों की भीड़ दिखी। वहीं कई स्कूलों में भी विद्यार्थी अपना रिजल्ट पता करने के लिए जुटे थे।
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हर रोज सात घंटे की पढ़ाई
हाईस्कूल में शत-प्रतिशत अंक अर्जित करने वाली विदुषी पांडेय किसान की बेटी हैं। वह अपना कॅरिअर चार्टेड अकाउंटेंट (सीए) बनकर संवारना चाहती हैं। वह बताती हैं कि हर रोज छह-सात घंटे पढ़ाई की। अधिकांश विषयों के प्रश्नों के उत्तर वह क्लास में ही क्लियर कर लेती थीं। मिश्रिख के औरंगाबाद गांव की रहने वाली विदुषी अपनी सफलता का श्रेय गुरुजनों व परिजनों को दे रही हैं।

दादी की सीख ने दिलाया मुकाम
हाईस्कूल में शत-प्रतिशत अंक अर्जित करने वाली ऐश्वर्या सिन्हा इंजीनियर बनकर देश की सेवा करना चाहती हैं। ऐश्वर्या अपनी दादी को रोल मॉडल मानती हैं। वह बताती हैं कि दादी की सीख एग्जाम में काफी काम आई। सफलता का श्रेय अपने माता-पिता व गुरुजनों को दे रही हैं। पेंटिंग व ड्राइंग में रुचि रखने वाली ऐश्वर्या को फिल्मी गीत सुनने का भी शौक है। घर के कार्यों के बीच वह पढ़ाई के लिए भी समय निकालना
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