सीतापुर। लोक सभा चुनाव के चौथे दौर की बुधवार को नामांकन अधिसूचना जारी हो गई। इससे चुनावी चहल-कदमी तेज हो गई। सुरक्षा के मद्देनजर कलेक्ट्रेट परिसर को छावनी में तब्दील कर दिया गया। लालबाग चौराहे से कलेक्ट्रेट की ओर का रास्ता बैरीकेडिंग कर बंद कर दिया गया, जिससे वाहनों की इस तरफ आमद रोकी जा सके । पूरे कलेक्ट्रेट का सुरक्षा घेरा बनाकर पुलिस बल तैनात किया गया। नामांकन के पहले दिन जिलाधिकारी न्यायालय में प्रभारी अधिकारी नामांकन व एआरओ प्रत्याशियों के आने का इंतजार करते रहे। पर निर्दलीय समेत किसी भी राजनीतिक दल का उम्मीदवार नामांकन दाखिल करने पहुंचा नहीं, हालांकि सीतापुर संसदीय सीट के छह प्रत्याशी कई सेटों में नामांकन पत्र जरूर ले गए।
16वीं लोक सभा के लिए चुनाव आयोग से सीतापुर जनपद में चौथे चरण में 30 अप्रैल को मतदान प्रस्तावित कर रखा है। इसके लिए आयोग ने दो से नौ अप्रैल तक नामांकन प्रक्रिया का कार्यक्रम भी मुकर्रर कर रखा है। बुधवार को पहले डीएम किंजल सिंह ने लोक सभा चुनाव की नामांकन अधिसूचना जारी की। इसके जारी होते ही सीतापुर संसदीय सीट के आवंटित डीएम न्यायालय में प्रभारी अधिकारी, नामांकन व एआरओ, एसडीएम लहरपुर बीएन यादव नामांकन आने के इंतजार में बैठ गए। पूर्वाह्न 11 बजे से शुरू नामांकन प्रक्रिया अपराह्न तीन बजे तक चली। पर एक ने भी अपना परचा दाखिल नहीं किया। इस अवधि में सपा प्रत्याशी भरत त्रिपाठी, भाजपा से राजेश वर्मा, बसपा से कैसरजहां एवं कांग्रेस से वैशाली अली ने चार-चार सेट नामांकन पत्र लिए। इनके अलावा जगदीश नारायण शुक्ला ने भी चार सेट व राम औतार ने दो सेट परचे लिए। सुरक्षा के मद्देनजर कलेक्ट्रेट परिसर को छावनी में तब्दील कर दिया गया। लालबाग चौराहे से कलेक्ट्रेट की ओर का रास्ता बैरीकेडिंग कर बंद कर दिया गया, जिससे वाहनों की इस तरफ आमद रोकी जा सके । हालात कुछ ऐसे थे कि आम जन तो दूर चुनाव में लगे कार्मिक व प्रत्याशियों के समर्थक तथा मीडिया कर्मियों को भी कलेक्ट्रेट में प्रवेश नहीं मिल सका। एक प्रत्याशी का समर्थक पर्चा लेने पहुंचा तो पुलिस ने उसे भी अंदर नहीं जाने दिया। इस पर उसे बैरंग वापस लौटने को मजबूर होना पड़ा। उसका कहना था कि जब वह अंदर नहीं पहुंचेगा तो पर्चा कैसे खरीदेगा। दूसरी ओर पुलिस के जवान सुरक्षा का हवाला देकर अपनी ड्यूटी को अंजाम देने की आड़ में मनमानी कर रहे थे।