सीतापुर। संपत्ति बंटवारे को लेकर दो सगे भाइयों के बीच चल रही रंजिश में एक भाई की पत्नी ने अपने जेठ को मारने के लिए साजिश रच डाली। वारदात को अंजाम देने के लिए उसने जेल में बंद अपने भाई की मदद से बिहार से शूटर बुलवाए। इसी बीच क्राइम ब्रांच को मामले की भनक लग गई। क्राइम ब्रांच की टीम ने शुक्रवार सुबह साजिश रचने वाली महिला और शूटर को गिरफ्तार कर इस पूरे मामले का खुलासा कर दिया।
खैराबाद थाना क्षेत्र के ग्राम धनीपुर निवासी पूर्व प्रधान रामरतन यादव का अपने सगे भाई रामकेवल से 12 बीघा जमीन के बंटवारे को लेकर काफी समय से विवाद चल रहा था। विवाद के चलते दोनों पक्षों के बीच कई बार झगड़ा हो चुका था। मामला थाने तक भी पहुंचा। रामरतन के मुताबिक पिछले कई दिनों से उसे जान से मारने की धमकियां मिल रहीं थीं। इस संबंध में उसने थाने में मुकदमा भी दर्ज कराया था। शुक्रवार सुबह छानबीन के दौरान क्राइम ब्रांच और पुलिस टीम को मुखबिर से सूचना मिली कि पूर्व प्रधान की हत्या के लिए बिहार से कुछ शूटर आए हैं। सूचना पर क्राइम ब्रांच और पुलिस की संयुक्त टीम ने धनीपुर मोड़ के पास से रामकेवल यादव की पत्नी बबिता और कृष्ण कुमार उर्फ करन राम पुत्र विनोद राम निवासी ग्राम गंगुली थाना औरा प्रांत बिहार को गिरफ्तार किया। इन लोगों के पास से क्राइम ब्रांच ने एक तमंचा, तीन कारतूस, दो मोबाइल और सात सिम बरामद किए हैं। पूछताछ में आरोपियों ने भूमि विवाद में रामरतन की हत्या की साजिश रचने की बात स्वीकार की है। पुलिस अधीक्षक श्रीपर्णा गांगुली ने पुलिस लाइंस में शुक्रवार को बताया कि बबिता ने अपने पूर्व प्रधान जेठ की हत्या कराने के लिए अपने भाई सर्वेश के सहयोग से शूटर कृष्ण कुमार को पैसे देकर बिहार से बुलाया था। ये लोग जल्द ही वारदात को अंजाम देने वाले थे, लेकिन इसी बीच क्राइम ब्रांच की टीम को भनक लग गई। क्राइम ब्रांच की टीम ने खैराबाद पुलिस के सहयोग से आरोपियों को दबोच लिया। एसपी ने बताया कि आरोपी कृष्ण कुमार बेहद शूटर है। उस पर बिहार में हत्या व हत्या के प्रयास जैसे कई संगीन मामले दर्ज हैं।
बबिता को बहन मानता था शूटर
पुलिस के मुताबिक बबिता मूल रूप से बिहार की रहने वाली है। उसका भाई सर्वेश यादव भी एक पेशेवर मुजरिम है। जो मौजूदा समय में बिहार की एक जेल में बंद है। उसे भी खैराबाद के धनीपुर से बिहार पुलिस व खैराबाद पुलिस के सहयोग से गिरफ्तार किया था। बबिता ने ही जमीन पर कब्जा करने के लिए अपने भाई से जेठ को मरवाने के लिए कहा था। इस पर सर्वेश ने अपने मित्र और शूटर कृष्ण कुमार को बहन की मदद करने सीतापुर भेजा। कृष्ण कुमार भी बबिता को बहन की तरह ही मानता था। कुछ दिन पहले ही सीतापुर आया कृष्ण कुमार बबीता के गांव धनीपुर में ही ठहरा था।
क्राइम ब्रांच को ऐसे मिली कामयाबी
पूर्व प्रधान रामरतन यादव द्वारा दर्ज कराए गए मुकदमे की छानबीन के दौरान पुलिस ने धनीपुर से पकड़े गए सर्वेश यादव की फाइल खंगालनी शुरू की। इस दौरान उसके व बबिता के रिश्तों का खुलासा हुआ। पता चला कि सर्वेश बबिता का सगा भाई है। इस समय वह बिहार जेल में बंद है। इसके बाद पुलिस ने इसी बिंदु पर अपनी जांच शुरू की। अपने मुखबिरों का जाल फैला दिया। मोबाइल सर्विलांस से भी मदद मिली। आखिरकार पूरे मामले के खुलासे में यही अहम सुराग बना और पुलिस ने मामले का खुलासा कर दिया।