लहरपुर (सीतापुर)। कोतवाली पुलिस व क्राइम ब्रांच ने रविवार को हरियाणा प्रांत से सस्ती शराब खरीदने के बाद मिलावटी शराब बनाने वाले एक गैंग का खुलासा किया है। पुलिस टीम ने लहरपुर कोतवाली क्षेत्र के मुसियाना गांव में छापेमारी कर हरियाणा से अवैध तरीके से लाई गई करीब 39 लाख की शराब पकड़ी। यहां से भारी मात्रा में अल्कोहल, होलोग्राम, बोतलों के ढक्कन के साथ एक जीप भी बरामद की गई है। पुलिस ने शराब का अवैध कारोबार करने वाले गिरोह के सरगना को भी दबोचा है। हालांकि उसके दो साथी मौके से भाग निकले। पुलिस उनकी तलाश कर रही है।
लहरपुर इंस्पेक्टर विनोद यादव ने बताया कि मुखबिर से सूचना मिली थी कि क्षेत्र के मुसियाना गांव में हरियाणा प्रांत से अवैध रूप से शराब लाकर बेचने का कारोबार किया जा रहा है। इस पर क्राइम ब्रांच की टीम की मदद से गांव में रविवार सुबह दबिश दी, जहां शिवकुमार जायसवाल के घर से करीब एक हजार पेटी अवैध शराब बरामद की। यह शराब हरियाणा की थी। साथ ही वहां से एक जीप (यूपी 34 एक्स-5713) में लदी 20 पेटी शराब पकड़ी। आरोपी के घर से 15 हजार बोतलों के ढक्कन, 11 बंडल होलोग्राम, जरीकेन में रखी करीब 220 लीटर अल्कोहल भी बरामद हुई है। बरामद शराब करीब 38 लाख 80 हजार रुपये की आंकी जा रही है। पुलिस ने अवैध रूप से कारोबार करने वाले शिवकुमार जायसवाल को गिरफ्तार कर लिया है। बरामद जीप गांव निवासी अमित की थी। इस मामले में पुलिस ने अमित व उसके भाई सुशील को भी आरोपी बनाया है। इंस्पेक्टर ने बताया कि शिवकुमार जायसवाल हरियाणा से सस्ती दर पर अवैध रूप से शराब की खरीद कर लाता था। बाद में उसे मिलावट कर बेचता था। इस गोरखधंधे में अमित व उसका भाई सुशील भी शामिल था। इंस्पेक्टर के मुताबिक जांच में पता चला है कि यह अवैध कारोबार पिछले काफी समय से चल रहा है। मौके से भागे लोगों की तलाश की जा रही है।
हरियाणा के अंबाला से लाई जाती थी शराब
पुलिस सूत्रों की माने तो बरामद शराब हरियाणा प्रांत के अंबाला जिले के नारायणगढ़ की एनपी डिस्टलरी से लाई जाती थी। शराब यहां लाने के बाद उसमें मिलावटी की जाती थी। जिसके बाद ऊंचे दामों पर ग्राहकों व डीलरों में बेची जाती थी।
हरियाणा में मिलती है सस्ती शराब
जानकारों की मानें तो हरियाणा से शराब लाकर यहां बेचने का कारोबार कोई नया नहीं है। इससे पूर्व भी यहां हरियाणा की शराब बरामद हो चुकी है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि हरियाणा की यह शराब वहां सस्ती मिलती है और उसमें अल्कोहल की मात्रा भी अधिक होती है। जबकि यहां शराब महंगी है और तस्कर उसमें पानी मिलाकर उसकी मात्रा अधिक बना लेते हैं, जिससे उन्हें दोहरा मुनाफा होता है। बताते हैं कि वहां की शराब को यहां बोतलों में भरकर होलोग्राम लगाकर उसे असली का रूप दे दिया जाता है।
हरियाणा की जो शराब लहरपुर क्षेत्र में बरामद हुई है। उसमें मिलावट कर उसको महंगे दामों में बेचा जाता है। वैसे तो शराब में यह लोग पानी आदि की ही मिलावट करते हैं, लेकिन मिलावटी शराब पीने से खतरा बना रहता है। उनका कहना है कि जो शराब बरामद हुई है, वह सीतापुर में नहीं बिकती है। ऐसी शराब पड़ोसी जिले बहराइच आदि में मिलती है।
राजीव सिन्हा, जिला आबकारी अधिकारी