नैमिषारण्य (सीतापुर)। गुरु पूर्णिमा पर शनिवार को नैमिष में आस्था उमड़ी। दूरदराज से आए लोगों ने चक्रतीर्थ व गोमती नदी के पावन तटों पर स्नान किया। इसके बाद विभिन्न मंदिरों व मठों में पूजन-अर्चन कर सुख-समृद्धि की कामना की।
गुरु पूर्णिमा पर नैमिषारण्य की पावन तपोभूमि पर सुबह से ही श्रद्धालुओं के जत्थे आने शुरू हो गए थे। ब्रह्म मुहूर्त से ही चक्रतीर्थ व गोमती के घाटों पर स्नान शुरू हो गया था। इसके बाद विभिन्न आश्रमों में पहुंचकर गुरु का पूजन किया और उनसे आशीर्वचन प्राप्त किया। इसके बाद लोगों ने मां ललिता देवी मंदिर, बाबा भूतनाथ मंदिर, हनुमान गढ़ी, बालाजी दरबार समेत अन्य मंदिरों में देवी-देवताओं के दर्शन किए। यहां विधि-विधान से पूजा करने के बाद लोगों ने पंडों, पुजारियों व कन्याओं को दान पुण्य किया। इस दौरान श्रद्धालुओं ने अपने आराध्य से सुख-समृद्धि, वैभव और शांति की मंगलकामना की। नैमिषारण्य में काली पीठ के पीतांबर पीठ द्वितीय के स्वामी महाराज की चरणपादुका का पूजन किया गया। यह कार्यक्रम भोर पांच बजे शुरू हुआ। प्रथम अभिषेक कालीपीठ के संस्थापक पं. जगदंबा प्रसाद द्वारा किया गया। इसके बाद मध्य प्रदेश, राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र, काेंकण आदि स्थानों से सात सौ श्रद्धालुओं ने चरणपादुका का अभिषेक किया। बाद में भंडारा हुआ। कार्यक्रम में मिश्रिख सीट से सांसद अंजू बाला चौधरी भी शामिल हुईं।