जिले में लगातार कई दिनों तक हुई मूसलाधार बारिश से शाहगंज कूड़ा रजवाहा कई जगह टूट गया हैै। इससे अत्यधिक पानी खेतों में बहने से धान की नर्सरी बर्बाद हो रही है। आंखों के सामने नर्सरी को नुकसान होता देख किसानों का कलेजा फट जा रहा है। किसानों के सूचना देने के बाद भी संबंधित अधिकारी नहर की मरम्मत नहीं करवा रहे हैैं।
मूसलाधार बारिश होने से सोन नदी, बेलन, कर्मनाशा, बकहर, कनहर समेत अन्य नदी और नाले उफान पर है। मध्य प्रदेश के बाणसागर से पानी छोड़े जाने की वजह से सोन नदी खतरे की निशान पार कर गई है। रिहंद बांध, ओबरा डैम, धंधरौल बांध और नगवां बांध में क्षमता से अधिक पानी हो गया है। इस नाते कई फाटक खोल कर पानी निकाला जा रहा है।
हालांकि दो दिनों से जिले में बारिश न होने से धंधरौल और नगवां बांध का गेट बंद हो चुका हैै। लेकिन अचानक धंधरौल बांध का गेट खुलने से शाहगंज रजवाहा कई जगह से टूट गया है। राबर्ट्सगंज ब्लॉक के मेहुड़ी, पकरी, मानपुर, पवर समेत अन्य गांवों में शाहगंज कूड़ा रजवाहा की दीवार कट गई है। इससे खेतों में पानी बह रहा है। पानी का बहाव ज्यादा होने से कई किसानों की धान की नर्सरी बह गई।
पीड़ित रिंकू दूबे, अमित, मुन्ना सिंह, पिंटू समेत अन्य किसानों का आरोप है कि पूर्व में कई बार सिंचाई विभाग के अधिकारियों को नहर की मरम्मत कराने के लिए सूचना दी जा चुकी है। लेकिन संबंधितों के कानों पर जूं तक नहीं चली। किसानों ने अपनी समस्याओं की ओर डीएम का ध्यान आकृष्ट कराते हुए नहर की मरम्मत करवाने की मांग की हैै।
इस संबंध में अपर जिलाधिकारी रामचंद्र ने कहा कि संबंधित अधिकारियों को नहरों की मरम्मत कराने का निर्देश दिया जा चुका हैै। क्षतिग्रस्त नहरों की मरम्मत कराने में लापरवाही बरतने वालों को चिह्नित कर उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।