सुल्तानपुर। लखनऊ-वाराणसी राष्ट्रीय मार्ग को फोर लेन बनाए जाने का कार्य प्रक्रिया में उलझ कर रह गया है। भूमि अधिग्रहण न होने व पेड़ों की कटान की अनुमति नहीं मिलने से कार्य अटका है। यही नहीं टेंडर पाई फर्म भी कार्य को लेकर उदासीन बनी है। इससे केंद्र सरकार की करीब एक हजार करोड़ रुपये की महत्वाकांक्षी योजना का कार्य अभी तक शुरू नहीं हो सका है।
दो वर्ष पहले स्वीकृत लखनऊ-वाराणसी राष्ट्रीय मार्ग को फोर लेन बनाए जाने का कार्य अब तक नहीं शुरू हो पाया है। मार्ग निर्माण के लिए सरकार ने टेंडर प्रक्रिया तक पूरी कर दी, लेकिन अभी तक भूमि अधिग्रहण नहीं हो सका है। सड़क के किनारे के पेड़ों को काटने के लिए वन विभाग से भी अभी तक अनुमति नहीं मिल सकी है।
दोनों कार्यों की प्रक्रिया स्वीकृति की बाट जोह रही हैं कि इसी बीच कार्य प्राप्त फर्म का नया पेंच धनाभाव का आ गया। विभागीय सूत्र बताते हैं कि यह स्थिति पीपीपी (पब्लिक, प्राइवेट, पार्टनरशिप) के तहत एक हजार करोड़ रुपये का कार्य पाई संस्था के सड़क निर्माण को लेकर उदासीनता से बनी है। एनएचएआई के अधिकारी भी फर्म के पास पैसों का बंदोबस्त नहीं होने को कारण बता रहे हैं। इस बीच निर्माण शुरू होने की समय सीमा भी बीतती जा रही है। लखनऊ-सुल्तानपुर तक कार्य शुरू नहीं होने से सुल्तानपुर से वाराणसी का कार्य भी अटक गया है।