अमेठी। दो दिन से छात्र को थाने में बैठाने के मामले ने गुरुवार को तूल पकड़ गया। साथी को बंद करने के विरोध में सड़क पर उतरे छात्रों ने एसपी कार्यालय का घेराव कर घंटों हंगामा काटा। मौके पर पहुंचे एएसपी ने आक्रोशित छात्रों को समझा-बुझा कर एसपी से मिलाया। एसपी के आश्वासन पर आक्रोशित छात्र शांत हुए। एसपी की ओर से छात्र को तत्काल छोड़ने का आदेश देने के बावजूद पुलिस ने विपक्षी व्यापारी से समझौता कराने के बाद देर शाम घर जाने दिया।
शहर स्थित इंदिरा गांधी पीजी कॉलेज के 50 से अधिक स्टूडेंट्स गुरुवार दोपहर भाजयुमो के प्रदेश सचिव ओपी सिंह के नेतृत्व में सड़क पर उतर आए। पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए छात्रों का हुजूम एसपी कार्यालय पहुंचा और घेराव कर हंगामा शुरू कर दिया। छात्रों का आरोप था कि उनके साथ स्नातक द्वितीय वर्ष में पढ़ने वाले छात्र राजीव त्रिपाठी को पुलिस ने मंगलवार शाम से थाने में बिठा रखा है। छात्रों का कहना था कि राजीव ने कस्बे के पवन चौरसिया की मोबाइल दुकान पर अपना मोबाइल बनने के लिए दिया था। सोमवार शाम अपनी मां के साथ वह दुकान पर गया और मोबाइल देने को कहा तो दुकानदार आनाकानी करने लगा। इसके कारण कहासुनी हुई थी। छात्रों का आरोप था कि मंगलवार शाम दुकानदार ने फोन कर छात्र को पुन: दुकान पर बुलाया और मारने पीटने के बाद उस पर चोरी का आरोप लगाकर पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस भी मामले की जांच पड़ताल करने के बजाए छात्र को दो दिन से थाने में बिठाए हुए है। एसपी ने छात्र को छोड़ने का आदेश दिया। एसओ रतन सिंह ने कहा कि छात्र को दो दिन से थाने में बैठाने की बात निराधार है।