सुल्तानपुर। बीएसएनएल की जॉइंट एक्शन कमेटी ऑफ यूनियंस और एसोसिएशंस ऑफ नॉन एग्जीक्यूटिव के आह्वान पर 30 सूत्री मांगों के समर्थन में बीएसएनएल कर्मियों ने गुरुवार को एक दिवसीय हड़ताल की। बीएसएनएल कर्मियों की हड़ताल से व्यवस्था चरमरा गई। भुगतान काउंटर बंद होने से करीब दो लाख रुपये का पेमेंट और तकरीबन 10 लाख रुपये की मार्केटिंग एवं सेल्स नहीं हो सकी। कर्मियों की हड़ताल से कामकाज ठप रहा। टेलीफोन व ब्रॉडबैंड की सेवा बाधित रही। इससे उपभोक्ताओं को खासी परेशानी उठानी पड़ी।
बीएसएनएल के नॉन एग्जीक्यूटिव की संयुक्त कमेटी (जॉइंट एक्शन कमेटी ऑफ यूनियंस एंड एसोसिएशंस ऑफ नॉन एग्जीक्यूटिव) के आह्वान पर जिले के बीएसएनएल कर्मी गुरुवार को हड़ताल पर रहे। प्रधान डाकघर के निकट स्थित तारघर में सुबह के वक्त बीएसएनएल कर्मी इकट्ठा हुए। 30 सूत्री मांगों के समर्थन में बीएसएनएल कर्मी जुलूस की शक्ल में नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट होते हुए जिला पंचायत परिसर स्थित बीएसएनएल महाप्रबंधक कार्यालय पहुंचे। यहां बीएसएनएल कर्मियों ने मांगों पर चर्चा की। इसके बाद बीएसएनएल कर्मी वापस जुलूस की शक्ल में तार घर पहुंचे और सभा की। कर्मचारी सभा को संबोधित करते हुए जॉइंट एक्शन कमेटी के अध्यक्ष एपी तिवारी ने कहा कि प्रबंधन जान-बूझकर कर्मचारियों के वेतन भत्तों जैसे मौलिक अधिकार को नजरअंदाज कर रहा है। जबकि एग्जीक्यूटिव को देने के लिए विभाग की तंगी आड़े नहीं आ रही है। उन्होंने कर्मचारियों की एकजुटता पर जोर देते हुए कहा कि अपने हक के लिए लड़ाई लड़ी जाएगी। कोषाध्यक्ष घनश्याम यादव ने वर्तमान सरकार व प्रबंधन को कर्मचारी विरोधी बताते हुए उन्हें निजीकरण का समर्थक बताया। कहा कि कर्मचारियों को एकजुट होकर सरकार व प्रबंधन की गलत नीतियों का डटकर मुकाबला करना चाहिए। संयोजक एचएस मिश्र ने सभी मांगाें पर विस्तार से चर्चा करते हुए कहा कि भविष्य में कर्मचारियों को अपने अधिकार के लिए अनिश्चितकालीन हड़ताल के लिए तैयार रहना होगा। सभा को अरविंद सिंह, नृसिंह यादव, आशुतोष त्रिपाठी, अरविंद पांडेय समेत कई लोगों ने संबोधित किया। हड़ताल से कामकाज ठप रहा। उपभोक्ताओं को परेशानी उठानी पड़ी। काउंटर बंद होने से बिल का भुगतान नहीं हो सका। टेलीफोन व ब्रॉडबैंड से प्रभावित सेवाओं को ठीक नहीं किया गया बल्कि शिकायतों का निस्तारण नहीं होने से कई टेलीफोन व ब्रॉडबैंड ठप रहे।