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फसल क्षतिपूर्ति की राशि में भारी कटौती

अमर उजाला ब्यूरो Updated Thu, 03 Nov 2016 10:56 PM IST
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शासन ने फसल क्षतिपूर्ति के नाम पर दी जाने वाली सहायता राशि में कटौती कर करीब डेढ़ वर्ष पूर्व जिले में हुई अतिवृष्टि-ओलावृष्टि से प्रभावित 1.66 लाख किसानों को बड़ा झटका दिया है। इसके पहले जहां प्रभावित किसानों को 13 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर की दर से मुआवजा दिया गया था वहीं मांग के सापेक्ष आवंटित अंतिम किस्त की धनराशि में इसे घटाकर 22 सौ रुपये प्रति हेक्टेयर कर दिया गया है। शासन के इस आदेश से किसानों में रोष है।
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मार्च-अप्रैल 2015 में जिले में हुई अतिवृष्टि-ओलावृष्टि में जिले के किसानों की मेहनत से तैयार की गई गेहूं की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई थी। किसानों की बर्बादी का सर्वे कराने के बाद जिला प्रशासन ने शासन को भेजी गई रिपोर्ट में अतिवृष्टि व ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों की संख्या तीन लाख 27 हजार 196 बताते हुए उन्हें सहायता देने के लिए 57.67 करोड़ रुपये आवंटित करने की मांग की थी।

जिला प्रशासन की मांग पर शासन ने कई किस्तों में जिला प्रशासन को कुल 37.57 करोड़ रुपये उपलब्ध कराया था। यह धनराशि प्रभावित एक लाख 61 हजार 195 किसानों में वितरित की गई थी। उस समय मुआवजे की दर 13 हजार प्रति हेक्टेयर होने के कारण पहले मुआवजा पाने वाले किसानों को न्यूनतम 15 सौ से अधिकतम 18 हजार रुपये तक की सहायता मिली थी।
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प्रदेश सरकार ने मुआवजे के मद में जिला प्रशासन को दी गई अंतिम किस्त के साथ सहायता राशि में भारी कटौती का आदेश दिया है। शासन से की गई कटौती के बाद अब किसानों को 13 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर के बजाय 22 सौ रुपये प्रति हेक्टेयर की दर से मुआवजा दिया जा सकेगा। शासन के इस आदेश के तत्काल लागू होने से मुआवजे का इंतजार कर रहे एक लाख 66 हजार 540 किसानों की उम्मीदों पर पानी फिर गया है।
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