एप डाउनलोड करें
विज्ञापन

दबंगों ने ताबड़तोड़ बरसाईं गोलियां, महिला की मौत

Unnao Updated Sun, 18 May 2014 05:30 AM IST
विज्ञापन
विज्ञापन

Next Article

उन्नाव/मियागंज। भाई की हत्या का बदला लेने के इरादे से पड़ोसी ने जमानत पर छूटकर आए भाई के एक हत्यारे को गोली मार दी। खेत में काम कर रही उसकी बहन और चाची बचाने पहुंची तो हमलावर ने ताबड़तोड़ गोलियां चलाकर हत्यारे की चाची को गोलियों से छलनी कर दिया। उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हत्यारों ने मौके पर मौजूद उसकी बहन भतीजी की भी हत्या का प्रयास किया। भतीजी को तमंचे की बटों से पीटा जबकि भतीजी मौके से भाग निकली। गोली लगने से घायल हत्यारोपी को नाजुुक हालत में जिला अस्पताल से ट्रामासेंटर रेफर किया गया है। घटना से आक्रोशित भीड़ ने लखनऊ-बांगरमऊ मार्ग पर जाम लगा दिया है। कई थानों की पुलिस और पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं। काफी प्रयासों के बाद करीब दो घंटे बाद पुलिस जाम खुलवा पाई।
विज्ञापन
विज्ञापन

आसीवन थानाक्षेत्र के कसबा मियागंज निवासी बउवा (35) पुत्र महावीर और उसके भाई व पड़ोस में रहने वाला जमालुद्दीन व पप्पू साथ मिलकर पेड़ खरीद-फरोख्त का काम करते थे। वर्ष 2011 में एक यूके लिप्टस की बाग की रकम बंटवारे को लेकर दोनों पक्षों में विवाद हो गया था। जमालुद्दीन के भाई गुड्डू की लाठी-डंडों से पीटकर हत्या कर दी गई थी। जमालुद्दीन ने अपने भाई गुड्डू की हत्या के आरोप में बउवा व उसके भाई राजपाल के अलावा उसके चचेरे भाई बब्लू व श्रवण पुत्र प्यारेलाल और सूर्यपाल पुत्र बिहारी को आरोपी बनाया था। हत्या के आरोप में पुलिस ने सभी नामितों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। तीनों पर हत्या का आरोप सिद्ध हुआ और न्यायालय ने सभी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। एक महीने पहले पांचों हत्यारे हाईकोर्ट से जमानत मिलने पर जेल से बाहर आए थे। शनिवार शाम को बउवा खेत पर मौजूद था। तभी जमालुद्दीन ने तमंचे से गोली मार दी। पेट में गोली लगते ही बउवा चीखते हुए जमीन पर गिर गया। पास में ही बकरियां चरा रही बउवा की चाची रामश्री (50) पत्नी प्यारेलाल, बहन रानी (20) पुत्र महावीर और भतीजी मीतू (8) पुत्री बब्लू मौके पर पहुंची। जमालुद्दीन के पीछे से पहुंचे उसके भाई पप्पू ने रामश्री को गोलियों से छलनी कर मौत के घाट उतार दिया। हमलावरों ने बउवा की बहन रानी को तमंचे की बटों से पीटकर घायल कर दिया। मीतू डरकर गांव की ओर भागी। हत्यारों ने उसका पीछा किया मगर गांव पास में होने से वह उसे पकड़ने की हिम्मत नहीं जुटा पाए। मीनू ने परिवार के लोगों को घटना की जानकारी दी तो कसबा के लोग मौके पर पहुंच गए। लेकिन तबतक हत्यारे भाग चुके थे।
आनन-फानन पुुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने घायल बउवा को एंबुलेंस से जिला अस्पताल भेजा जहां से उसे लखनऊ ट्रामासेंटर रेफर कर दिया गया। घटना से आक्रोशित भीड़ ने बांगरमऊ-लखनऊ मार्ग पर जाम लगा दिया। सूचना पर अपर पुलिस अधीक्षक रामकिशुन यादव, एसडीएम शेरी, सीओ और कई थानाध्यक्ष मौके पर पहुंच गए। पुलिस लोगों को समझाकर बुझाकर करीब दो घंटे बाद जाम खुलवा पाई। अपर पुलिस अधीक्षक ने बताया कि हत्यारों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। हत्यारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन


दिल्ली चला जाता तो शायद न होती घटना
उन्नाव। जेल से छूटने के बाद गुड्डू की हत्या में शामिल सभी पांचों लोगों ने दिल्ली में काम करने की योजना बनाई। करीब पंद्रह दिन पहले बब्लू उसका भाई श्रवण, बउवा का भाई राजपाल और परिवार का सूर्यपाल दिल्ली चले गए थे। इन सभी के साथ बउवा को भी दिल्ली जाना था मगर वह कुछ दिन परिवार के साथ रहने की बात कहकर यहीं रुक गया। परिजनों के मुताबिक जमालुद्दीन और उसका भाई पप्पू कई दिनों से मौत का बदला लेने की धमकी दे रहे थे। लेकिन इसे नाराजगी समझकर नजर अंदाज कर दिया।
विज्ञापन
Next
एप में पढ़ें