वाराणसी। ट्रांसफार्मर बदलने के लिए शहर दक्षिणी में सारी रात राजनीतिक रस्साकशी चलती रही। भोर में साढ़े चार बजे डाबर त्रिमुहानी का ट्रांसफार्मर बदल गया। इसके बावजूद राजनीतिक अड़ीबाजी जारी रही।
बुलानाला के समीप स्थित डाबर त्रिमुहानी का 400 केवीए का ट्रांसफार्मर पांच दिन पहले जल गया। ग्वालदास साहू लेन, सोराकुआं, चरणदास कटरा, चौखंभा इलाके की आपूर्ति बाधित हो गई। तीन दिन लोगोें ने सब्र से काम लिया। मंगलवार को टाउनहाल उपकेंद्र पर पहुंचकर दूसरे फीडरों की बिजली बंद करा दी। बुधवार को ट्रांसफार्मर लगाने का आश्वासन मिला था। इस इलाके में बुजुर्गों की संख्या ज्यादा है। नौजवान अपने स्तर पर प्रयास कर रहे थे और बुजुर्गों ने कांग्रेस नेता रत्नाकर त्रिपाठी से संपर्क किया। उन्होंने बुधवार को शाम चार बजे प्रबंध निदेशक आलोक कुमार से बात की। प्रबंध निदेशक ने देर रात तक ट्रांसफार्मर बदलवाने का वादा किया। ट्रांसफार्मर स्टोर से जारी भी कर दिया गया पर रात साढ़े बारह बजे तक जब ट्रांसफार्मर नहीं पहुंचा तो पूर्व सभासद राजेंद्र मिश्रा, पंकज अग्रवाल, विपिन, रविशंकर के नेतृत्व में काफी लोग क्षेत्रीय विधायक श्यामदेव राय चौधरी दादा के आवास पर पहुंच गए। दादा ने उनसे मिलने से इनकार कर दिया। उसके बाद दक्षिणी की जनता रोती है, विधायक चैन से सोता है, जैसे नारे लगाए जाने लगे। आखिरकार रात 12 बजे विधायक घर से बाहर आए। उन्होंने कहा कि एमडी से वार्ता हुई है। आज रात किसी भी दशा में ट्रांसफार्मर नहीं लग सकता। इसकी सूचना मिलने पर रत्नाकर त्रिपाठी ने फिर प्रबंध निदेशक को फोन किया और पूछा कि क्या रात में ट्रांसफार्मर नहीं लगेगा? एमडी से कहा कि आदेश दिया है तो हर कीमत पर रात में ही लगेगा। अधिकारी एमडी का निर्देश पूरा करने में लगे थे। उनके पास ट्रांसफार्मर था लेकिन क्रेन नहीं मिल पा रही थी। भोर में साढ़े चार बजे ट्रांसफार्मर लग गया। सबेरे अड़ी पर कांग्रेस और भाजपा के नेता इसी बात पर आपस में तर्क-वितर्क करते रहे।