वाराणसी। तुलसी घाट पर मंगलवार की शाम चित्रों में संजोयी रामकथा का लोकार्पण सुमेरुपीठाधीश्वर स्वामी चिन्मयानंद सरस्वती और संकट मोचन मंदिर के महंत प्रो. विश्वंभर नाथ मिश्र ने संयुक्त रूप से किया। इसे तुलसी मंदिर में सहेजकर रखा गया है। रामकथा में कुल 27 दुर्लभ चित्र हैं। मिश्र ने कहा कि यह ग्रंथ उस विशाल सागर के समान है जिसमें श्रीराम के जीवनक्रम के कई रत्न, जवाहरात और मणियां हैं। इसे संजोकर जीवन को सार्थक किया जा सकता है। इसे ढूंढने का श्रेय पं. उदयशंकर और डॉ. विजय नाथ मिश्र को जाता है। इससे पहले चित्रित रामकथा महंत विश्वंभर नाथ मिश्र को भेंट की गई।