वाराणसी। गंगा के तटवर्ती इलाके में बाढ़ से जूझ रहे लोगों का संकट दूर होने के आसार रविवार को और बढ़ गए। कारण, सहायक नदी यमुना के जलस्तर में भी घटाव शुरू हो गया है। तटीय शहरों इलाहाबाद, नैनी और मिर्जापुर में भी गंगा में घटाव होने से माना जा रहा है कि पखवारे भर से पानी से घिरे लोगों की दुश्वारियां कुछ दिनों में खत्म हो जाएंगी।
शाम को जलस्तर 71.770 मीटर रिकार्ड किया गया। यह खतरे के निशान 71.262 मीटर से 0.508 सेंटीमीटर ऊपर है। केंद्रीय जल आयोग के अधिशासी अभियंता राजेंद्र सिंह ने यमुना में घटाव शुरू होने की पुष्टि की है। हालांकि, दूसरे डिवीजनों में हुई बारिश के चलते कानपुर में पिछले 17 घंटे में गंगा का जलस्तर चार सेंटीमीटर बढ़ा है। लेकिन, इसका ज्यादा असर नहीं पड़ेगा। निचले स्तरों के शहरों में अब जलस्तर बढ़ने की गुंजाइश एकदम क्षीण हो गई है। वाराणसी में शाम को घटाव की दर आधा सेंटीमीटर प्रति घंटे रिकार्ड की गई, लेकिन मिर्जापुर में एक सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से जलस्तर घट रहा है। इलाहाबाद में स्थिर चल रही गंगा में भी आधा सेंटीमीटर प्रति घंटे की गति से घटाव शुरू हो गया है। नैनी और फाफामऊ में भी घटाव होने से विशेषज्ञों का मानना है कि अब वाराणसी में शीघ्र ही पानी घटने की दर में इजाफा हो जाएगा।
प्वाइंटर
71.770 मीटर पर पहुंची गंगा
आधा सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हो रहा घटाव
अभी खतरे के निशान से .508 सेंटीमीटर ऊपर है जलस्तर