वाराणसी। उच्च शिक्षण संस्थानों में जिस तरह शैक्षणिक अराजकता का माहौल बना है, उसके लिए प्रदेश सरकार जिम्मेदार है। इसे दूर करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। काशी विद्यापीठ में न तो विद्यार्थियों को सुविधाएं मिल पा रही हैं और न ही विश्वविद्यालय प्रशासन इसका प्रयास कर रहा है। काशी विद्यापीठ के छात्रसंघ चुनाव में आइसा समर्थित उपाध्यक्ष पद के उम्मीदवार रामप्रकाश और पुस्तकालय मंत्री की उम्मीदवार सुप्रिया ने प्रेसवार्ता में ये बातें कहीं।
उन्होंने कहा कि आइसा के पदाधिकारियों ने विश्वविद्यालय की समस्याओं के प्रति छात्रों को जागरूक करने का निर्णय लिया है। सपा सरकार नौजवानों के साथ धोखा कर रही है। कैंपस में चाहे एलएलबी प्रवेश का मामला हो या महिला छात्रावास के निर्माण में धांधली का, शिकायत के बाद कोई कार्रवाई नहीं हुई। सरकार की इस लापरवाही के खिलाफ कक्षाओं में जाकर विद्यार्थियों को जागरूक करने का अभियान शुक्रवार से शुरू होगा। बताया कि कैंपस में अराजकता के खिलाफ आवाज उठाने पर कुछ छात्रनेताओं की ओर से आइसा समर्थित प्रत्याशियों को धमकी मिल रही है। इस बारे मेें विश्वविद्यालय प्रशासन के साथ-साथ पुलिस प्रशासन को भी अवगत करा दिया गया है।