वाराणसी। केंद्रीय इस्पात मंत्री बेनी प्रसाद वर्मा ने गुरुवार को मुलायम सिंह यादव व भाजपा पर वोट बैंक की राजनीति के लिए आपस में साठगांठ करके मुजफ्फरनगर में हिंसा कराने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि 1990 में भी दोनों दलों नेे सांप्रदायिक तनाव पैदा कर वोट बैंक की राजनीति की थी। प्रदेश की जनता इस बार दोनों दलों को लोकसभा चुनाव में सबक सिखाएगी।
छावनी क्षेेत्र स्थित एक होटल में गुरुवार को बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि मुजफ्फर नगर में जो कुछ भी हो रहा है, वह भाजपा व सपा की साठगांठ का परिणाम है। उन्होंने दावा किया कि मुसलमान कांग्रेस के साथ हैं और वे मुलायम सिंह को छलावे को समझ रहे हैं। उन्होंने प्रदेश के नगर विकास मंत्री आजम खां को भी कटघरे में खड़ा किया। कहा कि अगर आजम मुजफ्फरनगर में हुई हिंसा के मसले पर नाराज हैं तो उन्हें कुछ करना चाहिए। सरकार को कड़े कदम उठाने के लिए कहना चाहिए, जबकि वह नाराज होकर चुप्पी साधे हुए हैं। इससे कुछ नहीं होगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में जबसे सपा की सरकार बनी है, कई बार दंगे हो चुके हैं। कई लोगों की जान जा चुकी है। उन्होंने भाजपा में प्रधानमंत्री पद के लिए दावेदारी को लेकर मचे घमासान पर कटाक्ष किया और कहा कि जिस दल का तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, केरल आदि में अभी खाता तक नहीं तक नहीं खुला हैै, वह पार्टी केंद्र में सत्ता में आने का सपना देख रही है। उन्होंने व्यक्तिगत तौर पर राहुल गांधी को कांग्रेस की तरफ से प्रधानमंत्री पद का दावेदार बताया और कहा कि यह बात वे पूर्व में भी कई बार वे कह चुके हैं। खुद मनमोहन सिंह भी यह बात कह चुके हैं।