वाराणसी। हरतीरथ स्थित इन्ना माई मंदिर से बाबा लाट भैरव की बारात निकली तो गुरुवार की रात शहरवासियों का रेला उमड़ पड़ा। रथ पर रंग-बिरंगी लतर के अलावा फूलों से सुसज्जित बाबा की झांकी लेकर श्रद्धालु निकले तो छतों, बारजों से झलक देखने के लिए महिलाओं-बच्चों की भीड़ लग गई। देर रात लाट भैरव बारात पहुंची, जहां शादी की रस्म पूरी की गई। इस दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। शुक्रवार को खिचड़ी का प्रसाद बांटा जाएगा।
इन्ना माई के मंदिर के पास बाबा की बारात सजी। विधिपूर्वक पूजन के बाद बारात निकली तो वह शानो-शौकत देखते ही बन रही थी। हाथी, घोड़े, ऊंट पर सवार होकर बाराती निकले। बैंडबाजे के साथ रोड लाइट से सुसज्जित बारात में बाबा लाट भैरव रथ पर दूल्हे के रूप में विराजमान थे। रास्ते में जगह-जगह रथ रोक कर आरती उतारी जा रही थी। विशेश्वरगंज से काल भैरव, जतनबर, कतुआपुरा, हनुमानफाटक होते हुए बारात लाट भैरव बाजार से कज्जाकपुरा, जलालीपुरा होकर लाट भैरव मंदिर पहुंची। सैकड़ों की तादाद में लोग बारात के पीछे चल रहे थे। जयकारे गूंज रहे थे। रात को लाट भैरव मंदिर परिसर में विवाह की रस्म पूरी की गई। यहां बारात की अगवानी हरिहर पांडेय, बसंत सिंह राठौर, छोटे लाल जायसवाल, श्याम किशोर श्रीवास्तव, चंपा लाल जायसवाल, कन्हैया लाल यादव, लाला रामकिशुन, पं. राम अवतार पांडेय, पुजारी दयाशंकर त्रिपाठी, गणेश प्रसाद गुप्ता ने की।