सारनाथ। मूलगंध कुटी विहार के 82वें वार्षिकोत्सव पर शुक्रवार को सारनाथ में बौद्ध अनुयायियों का जमघट हुआ। अनुयायियों को भगवान बुद्ध की पवित्र अस्थि मंजूषा का दर्शन करने का मौका भी मिला। अस्थि मंजूषा के दर्शन के लिए लंबी कतारें लगी थीं। इस मौके पर भिक्षुओं को महासंघदान व चीवर दान किया गया।
बुद्ध की अस्थिकलश के दर्शन के लिए सुबह से ही धर्मावलंबियों का जमावड़ा मूलगंध कुटी विहार परिसर में होने लगा था। परिसर स्थित बुद्ध मंदिर में दर्शनार्थ अस्थि मंजूषा रखी गई। महाबोधि सोसाइटी आफ इंडिया के संयुक्त सचिव भिक्षु पी. शिवली थेरो, भिक्षु सुमित्रानंद तथा नंद रत्न की उपस्थिति में देश विदेश से आए अनुयायियों को अस्थि का दर्शन कराया गया। यह कार्यक्रम सुबह 8.30 से 10 बजे तक चला। दर्शनार्थियों की लंबी कतार सारनाथ चौराहे तक लगी थी। दिन में 11 बजे सोसाइटी के मैत्री भवन सभागार में श्रीलंका से आए भिक्षु संघरत्न महाथेरो की अगुवाई में 150 भिक्षुओं को महासंघदान और चीवरदान किया गया। भिक्षुओं के बोधिवृक्ष के नीचे बैठकर विश्वशांति की कामना के साथ विशेष पूजन पाठ किया।
वार्षिकोत्सव के तहत मूलगंध कुटी विहार प्रांगण में चित्र प्रदर्शनी लगाई गई थी। शील का पालन करें, चोरी ना करें, हिंसा से डरें आदि स्लोगन के साथ भगवान बुद्ध के चित्र लगाए गए थे। शाम को बोधिवृक्ष के पास दीप प्रज्जवलित कर भिक्षुओं ने सूत्र पाठ किया। पुलिस क्षेत्राधिकारी विनोद सिंह के नेतृत्व में पुलिस दिनभर क्षेत्र में चक्रमण करती रही।