वाराणसी। सांस्कृतिक संकुल चौकाघाट में गांधी शिल्प बाजार में शुक्रवार को दूसरे ही दिन खरीददारों की भीड़ उमड़ पड़ी। शाम सात बजे तक ही तीन हजार से अधिक प्रवेश टिकट बिक गए थे। इस मेले में शिल्पियों के पहुंचने का क्रम अब भी बना हुआ है। सभी 317 स्टालों के भर जाने के बाद करीब 75 शिल्पियों को खुले आसमान के नीचे ही बैठना पड़ा है। ठंड को देखते हुए मेला क्षेत्र में सबसे अधिक भीड़ जयपुरी रजाई, हरिद्वार की चादरें, कुल्लू के जैकेट, कश्मीर की शाल वाले स्टाल पर लग रही है।
शिल्प मेला में पहली बार ऐसा हुआ है कि शिल्पियों के बीच रियल इस्टेट का स्टाल भी लगा है। गुरुवार को उद्घाटन के बाद मेला क्षेत्र में पहुंचने वालों की संख्या कम रही, कुल पांच सौ टिकट ही बिके थे। इसके बाद भी शिल्पियों ने 4.67 लाख रुपये का कारोबार किया। लोगों को आंध्र प्रदेश का कुशन, बांदा की दरी भा रही है, इन दोनों स्टालों पर अच्छी भीड़ दिखी। सस्ते आइटमों पर ग्राहकों का ज्यादा झुकाव ज्यादा दिखा। बाजार में बांस से बने सोफे भी लोगों के आकर्षण का केंद्र बने हैं। बाजार में खान पान लेकर घर सजाने और पहने ओढ़ने तक के सभी आइटम उपलब्ध है। आर्टिफिशियल ज्वेलरी स्टाल पर लड़कियां खरीदारी करते हुए दिखायी दी। यदि कुछ खा लिए तो मुंह का स्वाद अच्छा करने के लिए जयपुर का पाचक बेचने का भी स्टाल लगाया गया है। शिल्प बाजार के समन्वयक ओपी मौर्या ने बताया कि शाम सात बजे तक ही तीन हजार प्रवेश टिकट बिक गए थे। दस से पंद्रह लाख रुपये का कारोबार शुक्रवार को होने का अनुमान लगाया।