वाराणसी। संपूर्णानंद संस्कृत विवि के दीक्षांत समारोह के संबंध में बुलाई गई प्रेस कॉन्फ्रेंस में बुधवार को कुलपति प्रो. बिंदा प्रसाद मिश्र ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में कई शिक्षक अयोग्य हैं। इनकी नियुक्तियां सिफारिशों पर हुई हैं। उन्होंने फर्जी डिग्रियों के सहारे नियुक्ति पाने का भी आरोप लगाया। इससे पहले उन्होंने बताया कि विवि के मुख्य भवन के जीर्णोद्घार का काम जल्द शुरू होगा।
कॉन्फ्रेंस में विवि के अध्यापकों की योग्यता पर अंगुली उठने के सवाल पर प्रो. प्रसाद ने कहा कि वह अयोग्य अध्यापकों पर कार्रवाई करना चाहते थे, हालांकि उन्हें कई समझौते करने पड़े। फिलहाल उन्हें सुधरने का मौका दिया गया है। कुलपति ने बताया कि मुख्य भवन के जीर्णोद्धार के लिए यूजीसी की ओर से एक करोड़ रुपये स्वीकृत हुए हैं। कार्यदायी संस्था मुख्य भवन का निरीक्षण कर रिपोर्ट तैयार कर रही है। इसे शासन को भेजा जाएगा। उन्होंने कहा कि विवि में कई चीजों में सुधार आया है। समस्या यह है कि ये भयवश हुआ। संस्कारवश काम करने का माहौल अब भी यहां नहीं बन पाया है। दीक्षांत गाउन के संबंध में नका कहना था कि विवि दीक्षांत समारोह परिधान को 65 साल पूर्व पंडितों ने ही निर्धारित किया था। इसे गाउन नहीं कहा जा सकता।