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विभा बनी इभा और सियाराम बने दयाराम

Varanasi Updated Fri, 07 Feb 2014 05:43 AM IST
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वाराणसी। कन्या विद्याधन के लिए भरे गए आवेदनों के सत्यापन में गड़बड़ियां मिलने लगी हैं। कुछ आय प्रमाण पत्रों में धांधली कर आवेदनकर्ता रकम लेने की जुगाड़ में लगे हैं। मगर सत्यापन के दौरान इंटरनेट पर की गई जांच में धांधली पकड़ में आ गई। पकड़ में आए दो मामले मिर्जापुर जिले से संबंधित हैं। डीआईओएस ने इसे संज्ञान में लेते हुए आवेदनकर्ताओं को विभागीय नोटिस भेजने का निर्देश दिया है।
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सरकार ने इंटर की छात्राओं के लिए कन्या विद्याधन योजना की शुरुआत की थी। वर्ष 2013 की इंटर पास छात्राओं को इस साल कन्या विद्याधन दिया जाना है। अधिक छात्राएं लाभ ले सकें इसके लिए राशि को 30 से घटा कर बीस हजार कर दिया गया है। दिसंबर में इसके लिए आवेदनपत्र भरवाए गए थे। इस दौरान मिले 14176 आवेदनपत्रों को सत्यापन के लिए जनवरी माह में तहसीलों में भेजा गया। इनमें से 500 ऐसे आवेदनपत्र हैं जो गैर जिलों के हैं। इनके सत्यापन के दौरान मिर्जापुर के दो आवेदनपत्रों में लगाए गए आय प्रमाणपत्रों में धांधली पकड़ में आई। मिर्जापुर सदर तहसील से जारी दुनाई निवासी कुमारी विभा शुक्ला के आय प्रमाण पत्र में नाम के आगे ‘वि’ हटाकर ‘इ’ लगाया गया और उसे विभा से इभा कर दिया गया। एक अन्य मामले में चुनार तहसील से बने आयप्रमाण पत्र में ग्राम सुरसी निवासी निशा रानी के पिता सियाराम की जगह दयाराम कर दिया गया। इसमें ‘सि’ हटा कर ‘द’ किया गया है। डीआईओएस कार्यालय में जब इंटरनेट पर इन प्रमाणपत्रों की असल कापी देखी गई तो धांधली पकड़ में आई।
डीआईओएस चंद्रजीत सिंह यादव ने बताया कि कंप्यूटरीकृत दोनों ही आय प्रमाणपत्रों में अक्षर मिटाए गए हैं। संदेह होने पर जब इंटरनेट पर मूल कापी देखी गई तो धांधली उजागर हुई। दोनों ही आवेदकों को नोटिस जारी किए जा रहे हैं।
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