वाराणसी। एक सामान्य वयस्क व्यक्ति जिसका वजन 45 किलो से ऊपर होता है उसके शरीर में पांच से छह लीटर तक खून की मात्रा होती है। रक्तदान के वक्त शरीर से मात्र 350 एमएल खून की मात्रा ही निकाली जाती है। इतनी मात्रा निकलने से कोई कमजोरी नहीं आती। रक्त में मौजूद जरूरी आवश्यकताओं को शरीर 24 घंटे में ही पूरा कर लेता है।
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के ब्लड बैंक प्रभारी डा. डीआर सिंह ने बताया कि रक्तदान के बाद शरीर में नई कोशिकाएं बनती हैं। इससे आदमी ज्यादा स्वस्थ रहता है। साथ ही एक व्यक्ति के रक्तदान करने से तीन व्यक्तियों की जिंदगी बचाई जा सकती है। अमर उजाला फाउंडेशन और इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की तरफ से विश्व महिला दिवस (आठ मार्च, शनिवार) पर लहुराबीर स्थित आईएमए परिसर में स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया है। आप सुबह दस बजे से शाम चार बजे के बीच रक्तदान कर सकते हैं। रक्तदान करने वाले व्यक्ति का नाम और फोटो अमर उजाला में प्रकाशित कर प्रशस्ति पत्र भी दिया जाएगा। आईएमए की तरफ से रक्तदाता के ब्लड ग्रुप की नि:शुल्क जांच कर तीन महीने के लिए वैध डोनर कार्ड भी दिया जाएगा। इस कार्ड की मदद से रक्तदाता तीन महीने के भीतर एक बार बिना रक्त दिये आईएमए ब्लड बैंक से एक यूनिट रक्त ले सकता है। जो भी संस्था इस शिविर के लिए किसी प्रकार का सहयोग करना चाहती है उसका स्वागत है।
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पाठक रक्तदान शिविर, डोनर्स क्लब से संबंधित किसी भी जानकारी के लिए मोबाइल नंबर 8954886264 पर उत्कर्ष श्रीवास्तव से संपर्क कर सकते हैं।
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इस पर भी करें गौर
- एक स्वस्थ व्यक्ति को साल में एक बार रक्तदान अवश्य करना चाहिए, इससे स्वास्थ्य लाभ मिलता है।
- स्वस्थ व्यक्ति बिना किसी नुकसान से स्वेच्छा से एक साल में चार बार रक्तदान कर सकता है।
- जो रक्तदान नहीं करते, उनके रक्त का वो हिस्सा जो दान किया जा सकता है वह स्वत: नष्ट हो जाता है।
- शरीर का वजन न्यूनतम 45 किलो होना चाहिए
- 18 से 60 वर्ष के बीच का कोई भी व्यक्ति या महिला रक्तदान कर सकता है।