वाराणसी। सारनाथ पक्षी विहार के छह अस्थायी कर्मचारी और उनका परिवार भुखमरी की कगार पर पहुंच गया है। मिनी जू में काम करने वाले इन कर्मचारियों को पिछले पांच महीने से वेतन नहीं मिला है। इसके बाद भी वे जानवरों व पक्षियों की देखभाल में लगे हुए हैं। इस बाबत कई बार स्थानीय रेंजर व डीएफओ से शिकायत भी की गयी लेकिन उन्हें आश्वासन के सिवा कुछ भी नहीं मिला।
मिनी जू में छह अस्थाई कर्मचारी हैं। इसमें टिकट चेकिंग स्टाफ, बाड़े में हिरन को चारा देने वाले और पशु-पक्षियों की देखरेख करने वाले कर्मचारी शामिल हैं। मिनी जू के एक अस्थायी कर्मचारी वीरन यादव ने बताया कि पांच माह से वेतन न मिलने के चलते परिवार की आर्थिक स्थिति दयनीय हो गयी है। खाने तक के लाले पड़ गए हैं। अस्थायी कर्मचारियों प्रेम शंकर तिवारी, गंगा राम, चंपा देवी व बमन ने बताया कि वे पिछले कई वर्षों से काम कर रहे हैं। स्थायी किए जाने का आश्वासन भी मिला था लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। मानदेय न मिलने से परिवार चलना मुश्किल हो गया है।
बयान
इस महीने अस्थायी कर्मचारियों का मानदेय दे दिया जाएगा। कर्मचारियों को इसकी जानकारी दे दी गयी है। डीएफओ सच्चिदानंद सिंह