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मामला महज फीस वृद्धि का नहीं...

Varanasi Updated Thu, 13 Mar 2014 05:31 AM IST
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वाराणसी। अग्रसेन पीजी कालेज की छात्राओं का हंगामा महज फीस वृद्धि का ही नहीं है। परंपरानिष्ठ काशी में छात्राओं के ऐेसे विरोध प्रदर्शन ने हर वर्ग के लोगों को चौंका दिया है। चर्चा है कि इसके पीछे कालेज की अंदरूनी राजनीति है और छात्राओं को विरोध के लिए उकसाकर कर्मचारियों का एक गुट अपने हित साधना चाहता हैं।
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कालेज को स्वायत्तशासी बनाने से लेकर उसे अपने संचालन में ले लेने की कोशिशों के चलते कालेज में पहले भी गुटबाजी हुई है। छात्राओं का विरोध इस बात का है कि कालेज प्रबंधन ने सत्र के बीच में ही फीस बढ़ा दी। वहीं प्रबंधक अनिल जैन का कहना है कि वर्ष 1996 से लेकर 2012 तक फीस नहीं बढ़ाई गई। नव प्रवेशी छात्रों को बता दिया गया था कि 2013 में प्रवेश लेने वाली नई छात्राओं से फीस अधिक ली जाएगी। उन्होंने स्वेच्छा से फीस जमा कर प्रवेश लिया। फीस जमा करने के लिए तीन ईएमआई की सुविधा भी दी गई। तीसरी ईएमआई जमा करने के दौरान किसी ने उन्हें बहकाकर कालेज के विरोध में खड़ा दिया है। वे कहते हैं ‘आज फीस वापस हो गई तो शिक्षकों कर्मचारियों का वेतन कैसे दे पाऊंगा।’ उनका यह भी कहना है कि यह विरोधियों की साजिश है। कालेज के ही कुछ लोग हैं जो ऐसा कर रहे हैं। उनकी पहचान की जा रही है और उनके खिलाफ कार्रवाई भी होगी।

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छात्राओं को समझाया गया है। कालेज की प्राचार्या से बात हुई है। प्रबंधन को फीस का मसला हल करने के लिए कहा गया है।
एमपी सिंह एडीएम सिटी


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मूल खबर

बखेड़ा विरोधियों की साजिश
अग्रसेजन पीजी कालेज में 1996 से लेकर 2012 तक कोई फीस वृद्धि नहीं की गई। इस दौरान महंगाई काफी बढ़ी। प्रबंधन ने निर्णय लिया कि 2013 में जो नई छात्राएं प्रवेश लेंगी उनसे फीस अधिक ली जाएगी। नव प्रवेशी छात्राओं को फीस के बारे में बताया गया था। प्रवेश की इच्छुक छात्राओं ने स्वेच्छा से फीस जमा करके प्रवेश लिया था। उन्हें फीस जमा करने के लिए तीन ईएमआई की सुविधा दी गई। दो ईएमआई छात्राओं ने जमा कर दी है। तीसरी ईएमआई जमा करने के समय उन्होंने किसी के बहकावे में बखेड़ा खड़ा किया है। यदि आज फीस वापस ले ली जाए तो शिक्षकों और कर्मचारियों को तीन महीने का वेतन नहीं दे पाऊंगा। यह बखेड़ा विरोधियों की साजिश है। कालेज के कुछ लोग इस बखेड़ा के लिए जिम्मेदार हैं। उनकी पहचान की जा रही है। ऐसे लोगों को खोजकर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
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अनिल जैन, प्रबंधक
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अग्रसेन कालेज की प्राचार्या से बात हुई है। छात्राओं को समझाया गया है। प्रबंधन को बातचीत कर फीस मसले को हल करने को कहा गया है।
एमपी सिंह एडीएम सिटी
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