वाराणसी। भ्रष्टाचार, महंगाई और बेरोजगारी से त्रस्त युवा अब कला के जरिए समाज को दिशा देने की कोशिश कर रहा है। अस्सी घाट पर दो दिनी पोस्टर कार्यशाला के दूसरे दिन प्रदर्शनी में शहीद-ए-आजम सरदार भगत सिंह के विचार कला माध्यमों के जरिए कुछ इसी अंदाज में साकार हुए। प्रदर्शनी में शामिल पोस्टर भगत सिंह पर आधारित नारों, कविताओं से तैयार किए गए थे।
‘आजादी की दूसरी लड़ाई और भगत सिंह’ विषयक पोस्टर कार्यशाला के जरिए देश की सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक परिस्थितियों पर रोशनी डाली गई। इसके जरिए यह सवाल उठाने की भी कोशिश की गई कि जिस आजादी के लिए भगत सिंह और उनके साथियों ने शहादत दी थी, वह सपना कहां तक पूरा हो पाया? शिक्षा, संस्कृति और कला पर बाजार के हमले, कमरतोड़ महंगाई, भ्रष्टाचार और सांप्रदायिकता पर भी चोट की गई। इस कार्यशाला में बीएचयू के दृश्य कला संकाय की स्वाती सिंह, प्रज्ञा, अनुपम, दिव्यांशु, साधना, अंजलि, विनीत, आकांक्षा समेत कई छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया। यह कार्यशाला युवा सांस्कृतिक मंच की ओर से आयोजित की गई थी।