वाराणसी। विधान परिषद के वाराणसी खंड स्नातक चुनाव में भाजपा प्रत्याशी केदारनाथ सिंह 31752 मत पाकर फिर निर्वाचित घोषित किए गए। उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी डा. अवधेश सिंह को पराजित किया। अवधेश को 16110 मत मिले। द्वितीय वरीयता के मतों की गिनती के बाद 10362 मत पाकर नागेश्वर सिंह तीसरे नंबर रहे। चुनाव में 31 प्रत्याशी मैदान में थे।
विधान परिषद के चुनाव में दो दिन तक मतों की गिनती के बाद गुरुवार की शाम सात बजे परिणाम की घोषणा कर दी गई। चुनाव में भाग्य आजमाने वाले 31 प्रत्याशियों को मिले प्रथम वरीयता के मतों की गिनती आठ चक्रों में गुरुवार को सुबह छह बजे तक चली। इसके बाद प्रत्याशियों को मिले द्वितीय वरीयता के मतों की गिनती शुरू हुई। इसमें केदार को फिर निर्वाचित घोषित किया गया। इससे पहले भी केदार ही वाराणसी खंड स्नातक क्षेत्र से विधान परिषद के सदस्य थे। चुनाव में बसपा के डा. आनंद मिश्रा को 6464, केदार को 31752, सपा के डा. गोपाल सिंह को 7692, वामपंथी दलों के संयुक्त प्रत्याशी डा. प्रेमशंकर पांडेय को 765 के अलावा निर्दल डा. अरविंद कुमार शुक्ल को 1707, अरविंद कुमार को 1568, अरविंद सिंह पटेल को 6881, अवधेश को 16110, डा. ओमप्रकाश चौबे को 617 मत मिले। इसी तरह से निर्दल कन्हैया लाल पटेल को 653, कमलेश चंद्र त्रिपाठी को 35, काली प्रसाद मिश्र को 378, कृष्णानंद को 3123, जवाहर सिंह यादव को 1104, नरेंद्र नाथ दुबे अडिग को 140, नागेश्वर सिंह को 10362, राजनरायन को 92, रूपेश कुमार पांडेय को 833, डा. वंदना सिंह को 4970, विजय बहादुर यादव को 204, विनय शंकर राय मुन्ना को 2071, वीरेंद्र कुमार पंडित को 78, डा. विवेक पांडेय को 418, वेद प्रकाश सिंह को 1120, शैलेंद्र किशोर पांडेय मधुकर को 4734, डा. सरजीत सिंह डंग को 1816, सिद्धार्थ शंकर राय को 696, सुरेंद्र पाठक को 58, संजय कुमार श्रीवास्तव को 1058, संतोष सिंह यादव को 719 तथा डा. हरिश्चंद्र सिंह को 4007 मत मिले। चुनाव में कुल 256739 मतदाताओं में से 99257 ने मताधिकार का इस्तेमाल किया। इसमें से 93178 मत वैध और 6079 अवैध घोषित किए गए।