वाराणसी। आम आदमी पार्टी (आप) के संयोजक अरविंद केजरीवाल भले ही अपनी सुरक्षा की परवाह किए बगैर जनसंपर्क पर जोर दे रहे हों लेकिन उनकी सुरक्षा को लेकर पार्टी कार्यकर्ता चिंतित हैं। नतीजतन स्थानीय के अलावा दूसरे राज्यों से आने वाले वालंटियर्स की पहचान की जांच की जा रही है ताकि अपना बनकर आए किसी व्यक्ति से धोखा न मिल जाए। सुरक्षा के लिहाज से ही महमूरगंज स्थित पार्टी के केंद्रीय कार्यालय की हर छोटी-बड़ी गतिविधियों पर नजर रखने के लिए आठ सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। कार्यकर्ताओं को अंदेशा है कि पार्टी विशेष के लोग केंद्रीय कार्यालय में गड़बड़ी करा सकते हैं।
अरविंद केजरीवाल को थप्पड़ मारने की घटना हो या पत्थर फेंकने और नारेबाजी का मामला। पिछले कुछ दिनों में आप कार्यकर्ताओं पर हमलों में तेजी आई है। यही नहीं, केजरीवाल और उनकी पार्टी के खिलाफ शिकायतों तथा छापे का दौर भी बढ़ा है। ऐसे में दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और केंद्रीय कार्यालय को लेकर पार्टी कार्यकर्ता रिस्क लेने के मूड में नहीं हैं। वे हर कदम फूंक-फूंक कर रख रहे हैं। जिन-जिन क्षेत्रों में लोकसभा चुनाव खत्म होते जा रहे हैं। वहां से आप वालंटियर सीधे वाराणसी कूंच कर रहे हैं। यहां पहुंचने पर उनके परिचय पत्र की बाकायदा जांच की जा रही है। उसके क्षेत्र से जुड़े पार्टी कार्यकर्ताओं से संबंधित वालंटियर के बारे में फीडबैक लिया जा रहा है। पूरी तरह से संतुष्ट होने के बाद ही उन्हें पार्टी के चुनावी कार्यक्रमों में शामिल किया जा रहा है। मंगलवार को पार्टी कार्यालय पर अलग ही नजारा देखने को मिला। यहां न केवल कार्यालय के बाहर बल्कि कमरों में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इस इंतजाम के पीछे पार्टी कार्यकर्ताओं का तर्क है कि केजरीवाल और पार्टी के खिलाफ विरोधी पार्टियों की गतिविधियां हिंसक हुई हैं। कार्यालय के अंदर या बाहर कौन आता है? कौन जाता है? क्या करता है? इसपर 24 घंटे नजर रखने के लिए कैमरे लगाए गए हैं। पार्टी कार्यालय के बाहर ही कभी-कभी पार्टी विरोधी नारे लगाते लोग नजर आते हैं। कार्यालय में कोई आपत्तिजनक वस्तु न रख दे, इसपर भी कड़ी नजर रखी जा रही है। मीडिया प्रभारी प्रेरणा ने बताया कि अरविंद केजरीवाल का निर्देश है कि किसी को भी कार्यालय में आने से न रोका जाए। ऐसे में हमले की बढ़ी घटनाओं को देखते हुए एहतियात के तौर पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं।