वाराणसी। स्नातक और परास्नातक के विद्यार्थी अब अपने कोर्स के साथ ही एचआईवी की भी पढ़ाई करेंगे। यूजीसी की पहल पर देश भर के विश्वविद्यालयों में जल्द ही एचआईवी को वोकेशनल कोर्स के रूप में शुरू किया जाएगा। इसके लिए मानव संसाधन विकास मंत्रालय, उच्च शिक्षा विभाग और एड्स नियंत्रण विभाग के बीच समझौता हुआ है।
एचआईवी से संक्रमित होकर देश में हर साल बड़ी संख्या में लोग मरते हैं। इसके पीछे सबसे बड़ा कारण जागरूकता की कमी है। इस पर नियंत्रण के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से तरह-तरह के जागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। वहीं, युवाओं को इसके प्रति जागरूक करने के लिए अब यूजीसी ने भी कदम उठाया है। यूजीसी की पहल पर ही इसकी पढ़ाई शुरू कराने के लिए मानव संसाधन विकास मंत्रालय, उच्च शिक्षा विभाग और एड्स नियंत्रण विभाग के बीच समझौता किया गया है। यूजीसी के सचिव प्रो. जसपाल एस. संधू ने सभी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों को पत्र भेजकर एचआईवी को वोकेशनल कोर्स के रूप में शुरू करने के लिए आवश्यक कार्रवाई कराने को कहा है। उन्होंने कालेजों में भी इस कोर्स को लागू करने के लिए कहा है।
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यूजीसी की इस पहल के बाद विद्यार्थियों को एचआईवी में अधिक से अधिक जानकारी मिल सकेगी। विश्वविद्यालय में जल्द ही इसे वोकेशनल कोर्स के रूप में संचालित करने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। - डा. पृथ्वीश नाग, कुलपति, महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ