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संस्कृति के बहाने सियासी सरोकारों को धार

Varanasi Updated Fri, 09 May 2014 05:30 AM IST
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वाराणसी। नरेन्द्र मोदी बृहस्पतिवार को यहां संस्कृति पर प्रतिबद्धता के बहाने सियासी सरोकारों को धार दे गए। प्रशासन के रुख से नाराज मोदी गंगा के तट पर नहीं गए लेकिन इसे मुद्दा बनाकर सड़कों पर कर्यकर्ताओं तथा समर्थकों की भीड़ जुटा ली। लोगों को यह संदेश भी दे दिया कि हिंदू संस्कृति पर हमले किए जा रहे हैं। इसीलिए उन्हें गंगा के तट पर जाने से रोका जा रहा है। वह इन हमलों को जवाब देने को प्रतिबद्ध हैं। प्र्रशासन को भी उन्होंने एहसास कराने की कोशिश की कि उनके मौन में भी ताकत है। गंगा के तट जाए बगैर भी गंगा के रक्षक होने का संदेश दे सकते हैं।
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विश्वविद्यालय से लगभग साढ़े तीन घंटा का सफर पूरा करके मोदी रात लगभग 9.24 पर अपने कार्यालय के उस कक्ष में पहुंचे, जिसमें वाराणसी के कुछ प्रमुख कार्यकर्ता, प्रदेश पदाधिकारी और राष्ट्रीय नेता बैठे थे। कमरा छोटा और भीड़ ज्यादा, नतीजतन एसी भी बेअसर साबित हो रहा था। मोदी पहुंचे तो सारे इंतजाम ध्वस्त हो गए। मोदी की एक झलक देखने और मिलने के उत्साह में कार्यकर्ताओं की पुलिस वालों से भी धक्का-मुक्की हुई। उधर, कक्ष में पहुंचने के साथ प्रदेश प्रभारी अमित शाह और डॉ लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने उन्हें एक-एक कार्यकर्ता से मिलाया। मोदी ने मुस्कराकर किसी की पीठ थपथपाई तो उम्र में छोटे किसी की पीठ पर धौल जमाते हुए दुलारा। विधायक सुरेश राणा दिखे तो कंधे पर हाथ रख कुछ मुस्कराए, मानों कहना चाह रहे हों कि आगरा में मंच पर न बैठाने का मतलब उनकी उपेक्षा करना नहीं था। मोदी ने भाजपा नेताओं अरुण जेटली, अनंत कुमार, डॉ. हर्षवर्धन, राष्ट्रीय संगठन महामंत्री रामलाल से मुलाकात की।
पूजा की और आशीर्वाद लिया : वह कार्यकर्ताओं से मिलते हुए पूजा वाले स्थान पर पहुंचे। आचार्यों ने प्रतीकात्मक रूप से कलश में माँ गंगा का पूजन कराया। फिर गंगा आरती भी कराई। मोदी को मंत्रों के साथ विजयी भव का आशीर्वाद दिया। लगभग 20 मिनट में यह सारे कार्य करके मोदी ने सबके हाथ जोड़े और बाहर निकल आए। कार्यकर्ताओं का हुजूम उनकी ओर दौड़ा तो उन्होंने अंगुलियों से वी की आकृति बनाकर उनका हौसला बढ़ाया। इसी बीच किसी कार्यकर्ता ने चीखते हुए कहा, देश के पीएम कैसा हो...बाकी के लोगों ने नारा लगाया, नरेन्द्र मोदी जैसा हो। मोदी ने हाथ हिलाकर कुछ इशारा किया कि जिसे कार्यकर्ताओं ने यूं समझा कि उन्होंने जल्दी-जल्दी काशी आने का वादा किया है। वाराणसी के ही किसी मोहल्ले का उत्साही युवक विवेक अपने साथियों से बोला कि मोदी जी जब जीतने के बाद आएंगे तो एक-एक से मिलेंगे।
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