वाराणसी। डीजल रेल इंजन कारखाना के प्रशासनिक भवन में जाने के लिए लोगों को वाराणसी-इलाहाबाद रेलवे लाइन कोे पार करके जाना होता है। डीरेकाकर्मियों की मांग पर गत वर्ष छह नवंबर को तत्कालीन रेलमंत्री मल्लिकार्जुन खड़गे ने आरयूबी बनवाने की घोषणा की थी। करीब छह माह से अधिक समय बीत जाने के बाद भी कार्य शुरून होने से कर्मचारियों में निराशा है। उन्हें भावी प्रधानमंत्री और स्थानीय सांसद नरेंद्र मोदी से आशा है कि वे इस आरओबी का निर्माण कराएंगे।
गत वर्ष छह नवंबर को तत्कालीन रेल मंत्री मल्लिकार्जुन खड़गे डीरेका में रेल इंजन का लोकार्पण करने आए थे। उस समय कर्मचारी संगठनों के साथ कर्मचारी परिषद के संयुक्त सचिव अमर सिंह ने प्रशासनिक भवन के सामने रेलवे क्रासिंग पर पैदल पारपथ (आरओबी) बनवाने की मांग की थी। उनकी मांग पर रेलमंत्री ने जल्द ही आरओबी बनवाने घोषणा की थी लेकिन डीरेका और कालोनी को जोड़ने के लिए आरओबी के निर्माण का कार्य अब तक शुरू नहीं हो सका है।
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कोट-1- ट्रेनों के आने पर रेलवे क्रासिंग का गेट बंद हो जाता है। इसके चलते कर्मचारियों को अपने कार्य स्थल पर जाने में देर हो जाती है। मनोनीत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हमें आशा है कि वे आरयूबी का निर्माण कराएंगे।- कमलेश कुमार सिंह, अध्यक्ष- रेल मजदूर यूनियन डीरेका
2- डीरेका और प्रशासनिक भवन को जाने वाले मार्ग पर आरयूबी बनाया जाना आवश्यक है। इसके निर्माण में देरी नहीं होनी चाहिए। इसको प्राथमिकता के आधार पर बनाया जाए।- पन्ना लाल, सदस्य कर्मचारी परिषद डीरेका