वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी के सुनियोजित विकास के लिए केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय अलग से तैयारी में जुटा है। इस संबंध में केंद्रीय शहरी विकास मंत्री वेंकैया नायडू 20 जून को वाराणसी आ सकते हैं। वे यहां नगर विकास और आवास विभाग से जुड़े अधिकारियों के साथ वाराणसी के विकास के संदर्भ में विचार-विमर्श करेंगे। इसके पूर्व मंत्रालय के सचिव छह जून को लखनऊ में उच्चाधिकारियों के साथ बैठक में जवाहर लाल नेहरू राष्ट्रीय शहरी नवीकरण मिशन (जेएनएनयूआरएम) के तहत शहर में कराए गए कार्यों की समीक्षा करेंगे।
नरेंद्र मोदी के वाराणसी से सांसद बनने के बाद से ही इस धार्मिक और सांस्कृतिक नगरी के विकास की उम्मीद जगने लगी है। पता चला है कि केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय खुद ही वाराणसी के विकास के लिए गंभीर है। इसी क्रम में केंद्रीय शहरी विकास मंत्री वेंकैया नायडू 20 जून को वाराणसी आ सकते हैं। उच्चाधिकारियों ने वेंकैया के आने की मौखिक सूचना नगर विकास विभाग से संबंधित विभागों के वाराणसी में तैनात अधिकारियों को भी दी है। हालांकि उनके आने से पहले केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय के सचिव लखनऊ में उच्चाधिकारियों के साथ बैठक कर जेएनएनयूआरएम के तहत प्रस्तावित योजनाओं की समीक्षा करेंगे। इसके लिए जल निगम के प्रबंध निदेशक ने भी विभाग के चुनिंदा अभियंताओं को गंगा में सीवर गिरने से रोकने सहित जेएनएनयूआरएम के तहत स्वीकृत योजनाओं में हुई प्रगति की रिपोर्ट के साथ पांच जून को लखनऊ मुख्यालय बुलाया है। यही नहीं, अभियंताओं से भी वाराणसी में सीवर, ड्रेनेज, पेयजल में सुधार तथा गंगा, अस्सी व वरुणा नदी से संबंधित पूर्व में प्रस्तावित और नई योजनाओं की रूपरेखा के साथ लखनऊ आने के लिए कहा गया है।
इसी के मद्देनजर जल निगम के अभियंता शहर की गलियों व वंचित इलाकों के अलावा गंगा उस पार रामनगर में सीवर लाइन डालने, रमना में 50 एमएलडी क्षमता के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) लगाने की योजना से संबंधित फाइल तैयार करने में जुटे हैं। सूत्रों का कहना है कि लखनऊ में छह जून को केंद्रीय सचिव के साथ उच्चाधिकारियों की प्रस्तावित बैठक में घाटों की मरम्मत, उन्हें आकर्षक बनाने, राजनारायण, राम मनोहर लोहिया और मदन मोहन मालवीय के नाम पर तीन नए घाटों के निर्माण से संबंधित योजनाओं पर भी विचार किया जा सकता है। शहर के चारों तरफ प्रस्तावित रिंग रोड व उसके आसपास आवासीय कालोनियों के विकास के संबंध में भी सुझाव देने को कहा गया है।