वाराणसी। बीएचयू के कुलपति डा. लालजी सिंह के खिलाफ मिल शिकायतों की जांच करने शुक्रवार की दोपहर फैक्ट फाइंडिंग कमेटी के दोनो सदस्य बीएचयू पहुंचे। दोनो सदस्यों ने वित्तीय अभिलेख और अन्य दस्तावेजों को खंगाला। सदस्यों ने कुछ कागजात अपने कब्जे में ले लिया है।
बता दें कि कुलपति डा. लालजी सिंह के खिलाफ वित्तीय व प्रशासनिक गड़बड़ियों की शिकायत मानव संसाधन विकास मंत्रालय से की गई थी। इसके बाद शिकायत की जांच के लिए मंत्रालय ने दो सदस्यीय फैक्ट फाइंडिंग कमेटी गठित की थी। टीम में शामिल चेन्नई विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति चिंतामणि लक्ष्मण और पूर्व आईपीएस ओपीएस मलिक शुक्रवार को बीएचयू पहुंचे। उनके सहयोग में लगाए गए डिप्टी रजिस्ट्रार ने उन्हें सभी जरूरी कागजात उपलब्ध कराए, जिसके बाद सदस्यों ने जांच शुरू की। इस दौरान परिसर में यह की चर्चा रही कि बीएचयू के बर्खास्त शिक्षक प्रो. रामाश्रय प्रसाद, निलंबित डा. ओम शंकर, डा. अरुण द्विवेदी और डा. अभिषेक चंद्रा कमेटी के सदस्यों के मिलकर कुलपति के खिलाफ अपनी बात रखेंगेे। सूत्रों के अनुसार डा. अभिषेक चंद्रा ने सदस्यों से मिलने के लिए समय भी लिया था लेकिनदेर शाम तक उनकी मुलाकात नहीं हो पाई। संभावना जताई जा रही है कि ये सभी शनिवार को सदस्यों से मुलाकात करेंगे।